होमगार्ड्स की रोटेशन ड्यूटी खत्म करने के कोर्ट के निर्देशः हर महीने न्यूनतम 22 दिन का काम, महंगाई भत्ता देने का भी मुख्य सचिव को आदेश

होमगार्ड्स की रोटेशन ड्यूटी खत्म करने के कोर्ट के निर्देशः हर महीने न्यूनतम 22 दिन का काम, महंगाई भत्ता देने का भी मुख्य सचिव को आदेश

होमगार्ड्स की रोटेशन ड्यूटी खत्म करने के कोर्ट के निर्देशः हर महीने न्यूनतम 22 दिन का काम, महंगाई भत्ता देने का भी मुख्य सचिव को आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने होमगार्ड जवानों की ड्यूटी के रोटेशन सिस्टम को खत्म करने और उन्हें हर महीने न्यूनतम 22 दिन का काम देने का निर्देश दिया है। जस्टिस फरजंद अली की कोर्ट ने रोटेशन प्रणाली को असंवैधानिक और भेदभावपूर्ण माना है। उन्होंन कहा कि यह प्रणाली होमगार्ड जवानों को अनिश्चितता की स्थिति में रखती है।

कोर्ट ने यह फैसला हरिशंकर आचार्य सहित 70 होमगार्डों की याचिका पर सुनाया है, जिसमें उन्होंने साल भर रोजगार की मांग की थी। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने कहा कि जब होमगार्ड स्वेच्छा से, कम वेतन पर, राज्य की सेवा के लिए उपलब्ध हैं तो उन्हें महीनों तक बिना काम के नहीं रखना चाहिए।

 *याचिका में होमगार्ड्स ने कहा- सिर्फ 6-8 महीने मिल रहा काम* 

याचिकाकर्ताओं के वकील ने तर्क दिया कि प्रचलित "रोटेशन सिस्टम" के तहत होमगार्डों को साल में केवल 6 से 8 महीने के लिए काम दिया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाई होती है। इन्होंने तर्क दिया कि यह व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और यह भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देती है। राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस प्रणाली को समाप्त करने की सिफारिश की थी।

 *कोर्ट की टिप्पणी- 'स्वयंसेवकों' के नाम पर शोषण करना एक अधर्म है* 

 *"कोर्ट ने होमगार्डों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी स्थिति पिछले छह दशकों से वैसी ही बनी हुई है, या समय के साथ और भी बिगड़ गई है। कोर्ट ने कहा- "होमगार्ड स्वयंसेवकों को 'स्वयंसेवकों' के नाम पर शोषण करना एक अधर्म है"। कोर्ट ने कहा कि जब उनकी सेवाओं को राज्य के निर्देश पर लिया जाता है तो यह स्पष्ट रूप से के निर्देश पर लिया जाता है तो यह स्पष्ट रूप से नियोक्ता-कर्मचारी संबंध (Employer-Employee Relationship) का रूप ले लेता है और इसलिए उन्हें अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता है।*        

 *कोर्ट के अहम निर्देश और सिफारिशें -* 

 *कोर्ट ने रोटेशन प्रणाली को समाप्त करने और होमगार्डों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश और सुझाव दिए:* 

 *न्यूनतम रोज़गार (Continuous Engagement):* प्रत्येक होमगार्ड स्वयंसेवक को हर महीने न्यूनतम 22 दिन के लिए काम दिया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में यह सीमा 22 दिन से कम नहीं होगी ।

 *HDMS का अनिवार्य उपयोगः* होमगार्डों की तैनाती में मनमानी, भेदभाव या पक्षपात को खत्म करने के लिए HDMS (Home Guard Deployment Management System) सॉफ्टवेयर का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए। DOIT और होमगार्ड विभाग को यह सुनिश्चित करना है कि HDMS को जनवरी 2025 तक पूरे राज्य में पूरी तरह से लागू कर दिया जाए।

 *जिला स्तर पर तैनाती की संख्याः* प्रत्येक जिले में लगभग 1 हजार होमगार्ड को पुलिस के साथ तैनात किया जाए, जिसे जिले के आकार और अपराध दर के आधार पर समायोजित किया जा सकता है।

 *वेतन पर्ची और वित्तीय अधिकारः* होमगार्डों को पे-स्लिप (Pay Slip) जारी करने के उपाय लागू किए जाएं, ताकि वे लोन जैसी वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

 *महंगाई भत्ता (Dearness Allowance* ): होमगार्डों को महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) दिया जाए, क्योंकि लगातार बढ़ती महंगाई में उनका न्यूनतम वेतन अपर्याप्त है।

 *यूनिफॉर्म/नॉन-यूनिफॉर्म में भेदभाव नहीं:* वर्दीधारी और गैर-वर्दीधारी (Uniformed and Non-Uniformed) होमगार्डों के पारिश्रमिक में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। भविष्य में कोई भी वेतन वृद्धि सभी पर समान रूप से लागू होगी। गैर-वर्दीधारी कर्मियों को क्लास-IV कर्मचारियों के समान काम में लगाया जा सकता है।

 *उत्तर प्रदेश मॉडल:* राज्य सरकार, उत्तर प्रदेश होमगार्डों की तैनाती और लाभों के मॉडल को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अपनाने का प्रयास करे।

 *बल वृद्धि और महिला प्रतिनिधित्वः* होमगार्डों की कुल संख्या में वृद्धि के लिए 50 हजार नए रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा जाए। साथ ही संगठन में महिला प्रतिनिधित्व को भी बढ़ाया जाए।

 *तैनाती के लिए यह दिए विस्तृत सुझाव* 

कोर्ट ने होमगार्डों की सेवाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए कई क्षेत्रों में तैनाती के सुझाव दिए:

 *पुलिस विभागः* पुलिस के साथ तैनाती सबसे महत्वपूर्ण है। खासकर आरोपी व्यक्तियों को कोर्ट में पेश करने में सहायता के लिए।

 *सार्वजनिक स्थानः* स्कूल, अस्पताल, मॉल, सिनेमा हॉल, पर्यटक स्थल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले अन्य स्थानों पर गार्ड ड्यूटी।

 *सरकारी विभागः* राजस्थान आबकारी विभाग (Excise Department), वन विभाग (Forest Department), और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) जैसे विभागों में तैनाती।

 *यातायात प्रबंधनः* यातायात पुलिस के सहयोग में ड्यूटी ।

 *इवेंट मैनेजमेंट* : रैलियों, धरनों, विरोध प्रदर्शनों, वीआईपी मूवमेंट और धार्मिक जुलूसों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षासुनिश्चित करना ।

 *अतिक्रमण हटानाः* नगर निगम और नगर परिषदों के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रियाओं में सहायता ।

 *निजी एजेंसियों का विकल्पः* जहां भी विभाग निजी व्यक्तियों या एजेंसियों को काम पर रख रहे हैं, उनकी जगह प्रशिक्षित होमगार्डों को लगाया जाए ।

इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दें और तीन महीने की अवधि में अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।