मुस्लिम इज्तेमाई निकाह ख्वानी   एकता, अमन और मोहब्बत की मिसाल

मुस्लिम इज्तेमाई निकाह ख्वानी    एकता, अमन और मोहब्बत की मिसाल

*मुस्लिम इज्तेमाई निकाह ख्वानी*

  एकता, अमन और मोहब्बत की मिसाल 

“क़ुबूल है… क़ुबूल है… क़ुबूल है…”

इसी सदा के साथ जब 25 जोड़ों ने एक-दूसरे को हमसफ़र के रूप में स्वीकार किया, तो माहौल में दुआओं, मोहब्बत और बरकत की रूहानी ख़ुशबू घुल गई ।

पाली ज़िला मुख्यालय की हैदर अली कॉलोनी, ग़रीब नवाज़ तालीमी सोसाइटी के स्कूल प्रांगण में आज का दिन इंसानियत, भाईचारे और समाजी एकजुटता का गवाह बना ।

जहां मुस्लिम युवा फाउंडेशन समिति की ओर से मुस्लिम इज्तेमाई निकाह ख्वानी का शानदार व भावनात्मक आयोजन हुआ ।

इस मुबारक मौक़े पर जयपुर से तशरीफ़ लाए हज़रत सैय्यद साहब ने सुन्नत के मुताबिक निकाह पढ़ाया और दूल्हा-दुल्हन के लिए दुआएं-ख़ैर कीं।

25 जोड़े अब एक नए सफ़र पर रवाना हुए — दुआओं, मोहब्बतों और उम्मीदों के साए में।

“निकाह है सुन्नत-ए-रसूल-ए-अरबी ﷺ,

यही है अमन की राह, यही है ज़िन्दगी की तालीम।”

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पाली विधायक श्री भीमराज भाटी रहे,

जबकि अध्यक्षता मुस्लिम युवा फाउंडेशन के सदर जनाब मेहराज अली चुड़ीघर ने की।

विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुस्लिम समाज के सदर व शहर कांग्रेस अध्यक्ष हकीम भाई,

पूर्व सभापति प्रदीप कुमार हिंगड़, पूर्व शहर अध्यक्ष हाजी मेहबूब भाई टी,

पार्षद अकरम भाई खिलेरी, भाजपा नेता हाजी मोहम्मद रफ़ीक गौरी,

डॉ. गौरव कटारिया और सदर अज़ीज़ फौजदार की मौजूदगी ने इस आयोजन को नई रौनक बख़्शी।

“जहां इत्तेहाद की रौशनी जले दिलों में,

वहीं समाज तरक़्क़ी की मिसाल बनता है।”

दावत-ए-निकाह – सलीके और सादगी की मिसाल 

इस शानदार आयोजन में मुस्लिम घोसी युवा संगठन के पार्षद अकरम खिलेरी ने बताया कि

लगभग 5500 मेहमानों के दस्तरख़्वान की ज़िम्मेदारी संगठन के 200 अराक़ीन ने पूरे इत्मीनान और मोहब्बत से निभाई।

औरतों और मर्दों के लिए अलग-अलग दस्तरख़्वान की व्यवस्था कर

दावत-ए-निकाह को अनुशासन, सलीके और एहतराम के साथ अंजाम दिया गया।

“जिसने भूले को खिलाया, वो ही असली अमीर है,

दस्तरख़्वान पर बैठा हर मेहमान तक़दीर है।”

पाली मुस्लिम मुसाफ़िर खाने के सदर हाजी मासूम अली अंसारी ने निकाह ख्वानी के लिए स्थल उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभाई।

वहीं पुलिस प्रशासन ने ट्रैफ़िक व्यवस्था को मुस्तैदी से संभाला,

और नगर निगम प्रशासन ने फायर ब्रिगेड, स्वच्छता टीम और स्वचालित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की।

सदर मेहराज अली चुड़ीघर ने बताया कि

मुस्लिम युवा फाउंडेशन ने पहले भी दो इज्तेमाई निकाह सफलतापूर्वक भामाशाहों के सहयोग से कराए हैं,

और यह तीसरा आयोजन भी उसी सिलसिले की कड़ी है।

उन्होंने तमाम भामाशाह, कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा 

“यह सिर्फ निकाह नहीं, बल्कि अमन, इंसानियत और समाज की एक नई शुरुआत है।”

“जब मोहब्बत का पैग़ाम निकाह से फैले जहां में,

तो समझ लेना कि समाज अब सही राह पे चल पड़ा।”

यह आयोजन सिर्फ 25 जोड़ों का निकाह नहीं था,

बल्कि समाज को यह पैग़ाम देने का माध्यम था कि

एकता, सेवा और सुन्नत पर अमल से ही उम्मत तरक़्क़ी कर सकती है।

इज्तेमाई निकाह जैसे आयोजन समाज के आर्थिक बोझ को कम करते हैं,

और एक नई सोच को जन्म देते हैं मोहब्बत, बराबरी और अमन की सोच।

 आवाज की दुनिया के बादशाह अमीर रज़ा हिना नगरी ने मंच संचालन कर मुस्लिम इज्तेमाई शादी के माहौल में रुहानी प्यारी आवाज से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की