जोधपुर: लूणी में अवैध बजरी खनन का खेल जारी जनता माइंस पर करोड़ों की पेनल्टी लंबित
जोधपुर: लूणी में अवैध बजरी खनन का खेल जारी जनता माइंस पर करोड़ों की पेनल्टी लंबित
THE BHASWAR TIMES NEWS
जोधपुर जिले के लूणी उपखंड क्षेत्र में अवैध बजरी खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुदिया गांव में सरकारी बजरी लीज धारक ने अपनी लीज सीमा से बाहर करीब 4 किलोमीटर तक करणीयाली-सतलाना रपट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया है सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध गतिविधि से अरबों रुपये की बजरी निकाली गई है लेकिन सरकारी तंत्र गहरी नींद में सोया हुआ है
न तो कोई जांच हो रही है और न ही मॉनिटरिंग। सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यह इतना बड़ा खेल चल रहा है?स्थानीय निवासियों और शिकायतों के अनुसार, दुदिया गांव की लीज जनता माइंस के नाम पर है, जिस पर पहले से ही 7 से 8 करोड़ रुपये की पेनल्टी लंबित है
यह मामला अभी विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद खनन माफिया बेखौफ हो कर काम कर रहे हैं। रात के अंधेरे में जेसीबी और डंपरों की गड़गड़ाहट से इलाका गूंजता है और ओवरलोड वाहनों से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं
दुर्घटनाओं में न केवल लोग घायल हो रहे हैं, बल्कि सैकड़ों गौवंश की मौत भी हो चुकी है।पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी भी चिंता का विषय है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लूणी नदी और आसपास के इलाकों में वैध लीज की आड़ में अवैध खनन से नदी का जल स्तर प्रभावित हो रहा है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। खनन विभाग के नियमों के तहत जियो टैगिंग ड्रोन सर्वे और ई-रवन्ना सिस्टम का सख्ती से पालन होना चाहिए लेकिन यहां सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा है।हालिया शिकायतों में जोधपुर-पाली बॉर्डर पर भी इसी तरह की गतिविधियां सामने आई हैं जहां भाचरना बजरी लीज धारक ने पाली की बांडी नदी में अवैध रास्ता बनाकर खनन शुरू किया है। मुख्य सचिव स्तर तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई का इंतजार है। पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं जिससे माफिया और बेखौफ हो गए हैं।स्थानीय लोगों ने एसडीएम पुलिस तहसीलदार और पटवारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है एमएमडीआर एक्ट के तहत अवैध खनन पर वाहन जब्ती और जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन लागू नहीं हो रहा। अगर जल्द रोकथाम नहीं हुई, तो लूणी नदी क्षेत्र में पर्यावरणीय संकट और गहरा सकता हैं.