सर्दियों में हार्ट अटेक से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता : डॉ चैनाराम चौधरी
सर्दियों में हार्ट अटेक से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता : डॉ चैनाराम चौधरी
सोजत से वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
सर्दियों में कई तरह की बीमारियां होती हैं, जिनमें सबसे आम हैं सर्दी-जुकाम, फ्लू (इन्फ्लूएंजा), ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, गले में खराश और साइनसाइटिस। इसके अलावा, इस मौसम में स्ट्रेप थ्रोट, गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट के फ्लू जैसा), और जोड़ों का दर्द (गठिया वाले लोगों के लिए) जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। इसके साथ ही हार्ट अटैक के केस काफी बढ़ जाते हैं। हमारे संवाददाता ने वरिष्ठ फिजिशियन डॉ चैनाराम चौधरी से वार्ता की डॉ. चौधरी ने बताया कि नवंबर में हल्की सर्दी शुरू हो जाती है और दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। ऐसे में सर्दियों में हार्ट अटैक के केस काफी बढ़ जाते हैं। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्दियों में हमारी ब्लड वेसल्स यानी नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा फोर्स लगाना पड़ता है, जिससे हार्ट पर लोड बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी प्रॉब्लम्स हैं या बीपी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत है, उनके लिए तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
डॉ. चौधरी कहते हैं कि किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए आपको एक डिस्प्रिन (एस्पिरिन) की गोली जरूर रखनी चाहिए। ये 20-40 पैसे की एक गोली अगर सही समय पर दी जाए, तो लाइफ सेविंग साबित हो सकती है। अगर आपको कोई भी हार्ट अटैक से जुड़ा लक्षण दिखता है जैसे सीने में तेज जकड़न या दबाव, दोनों बांहों में जकड़न होना, छाती में जलन होना, तेज पसीना आना, जबड़े में अकड़न महसूस होना तो तुरंत डिस्प्रिन की गोली लें। इसे चबाकर खाना है और उसके बाद पानी पी लेना है।
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि ये गोली लेने का कोई नुकसान नहीं है। अगर मरीज को गैस या एसिडिटी भी बन रही है, तो ये गोली ली जा सकती है। ये हार्ट अटैक से मौत में 25 से 28 प्रतिशत तक बचाव कर सकती है, जो हार्ट अटैक में दिए जाने वाले इंजेक्शन जितना ही है।
डॉक्टर चौधरी कहते हैं कि जैसे ही आप ये दवा मरीज को दे दें, उसके बाद तुरंत नजदिकी हॉस्पिटल लेके जाएं। वहां जितना जल्दी हो सके ईसीजी कराएं और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाएं।
सर्दी में हार्ट अटेक का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं जैसे
*व्यायाम करें*: नियमित व्यायाम करें, लेकिन ज्यादा ठंड में बाहर न निकलें।
- *गरम पानी से नहाएं*: गरम पानी से नहाने से शरीर गरम रहता है।
- *गरम कपड़े पहनें*: ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े पहनें।
- *धूम्रपान और शराब से बचें*: ये दोनों हार्ट अटेक का खतरा बढ़ाते हैं।
- *तनाव कम करें*: तनाव हार्ट अटेक का एक बड़ा कारण है, इसलिए तनाव कम करने के तरीके अपनाएं।
- *स्वस्थ आहार लें*: फल, सब्जियां, और साबुत अनाज खाएं।
- *दवाएं नियमित लें*: अगर आपको हार्ट की कोई समस्या है, तो अपनी दवाएं नियमित लें।
- *ठंड में बाहर जाने से बचें*: अगर संभव हो तो ठंड में बाहर जाने से बचें, खासकर अगर आपको हार्ट की समस्या है।
सबसे बड़ी बात कि आप डॉ के सम्पर्क में रहे। ताकि कुछ समस्या होने पर शीघ्र इलाज किया जा सके