महर्षि वाल्मीकि महान ऋषि थे उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए: पवन पाण्डेय
महर्षि वाल्मीकि महान ऋषि थे उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए: पवन पाण्डेय
पाली ।अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य साहित्य संगोष्ठी का आयोजन आशापुरा नगर में किया गया। जिलाध्यक्ष भंवरसिंह राठौड़ चोटिला बताया कि संगोष्ठी की अध्यक्षता संरक्षक साहित्यकार गोपीदास रामावत ने करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें लक्ष्य निर्धारित कर एकनिष्ठ प्रयास करने की प्रेरणा देता है क्योंकि वे एकनिष्ठ प्रयास के बल पर ही रामायण जैसे महाकाव्य की रचना कर सके। प्रांत मीडिया प्रमुख पवन पाण्डेय ने कहा वैदिक काल की महान विभूतियों की उच्च श्रेणी में थे महर्षि वाल्मीकि, ध्यानमग्न बैठे वरुण-पुत्र के शरीर को दीमकों ने अपना घर बनाकर ढक लिया था। साधना पूरी करके जब यह दीमकों के घर, जिसे वाल्मीकि कहते हैं, साधना से बाहर निकले तो लोग इन्हें वाल्मीकि कहने लगे। महर्षि वाल्मीकि महान ऋषि थे उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। उपाध्यक्ष श्रीराम वैष्णव कोमल ने सरस्वती वंदना, प्रचारमंत्री सत्यनारायण राजपुरोहित पुनाड़िया, कवि दिलीप बच्चानी, नाथूसिंह राजपुरोहित, मनीष कुमार अनैतिक, जगदीशचंद्र ने विचार व्यक्त किए तथा काव्यपाठ किया। साहित्यकरों ने जिलाध्यक्ष भंवरसिंह राठौड़ चोटिला के उप प्रधानाचार्य बनने पर स्वागत अभिनंदन किया।