क़ासिम बीकानेरी मौन साधक है-कमल रंगा
क़ासिम बीकानेरी मौन साधक है-कमल रंगा
रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
बीकानेर। वरिष्ठ शायर क़ासिम बीकानेरी के जन्म-दिवस पर प्रज्ञालय संस्थान द्वारा आज दोपहर लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन में सादगीपूर्ण उनका जन्मोत्सव मनाते हुए उनका सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी बहुप्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी हैं एवं मौन साधक है। आप हिन्दी, उर्दू और राजस्थानी तीनों भाषाओं में निरन्तर सृजनरत है। साथ ही आप फिल्मों में बतौर कलाकार भी काम कर चुके है और प्रतिभा का सम्मान करना समाज का दायित्व हैं।
कवि गिरिराज पारीक ने कहा कि कासिम बीकानेरी ने लंबी गजल लिखकर उर्दू अदब मंे महत्वपूर्ण काम किया है। साथ ही उनकी कई पुस्तकें भी चर्चित रही हैं।
समाजसेवी हरिनारायण आचार्य ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी बतौर समाजसेवी वर्तमान में बीकानेर नागौरी-तेली समाज के सचिव के पद के माध्यम से समाज की सेवा कर रहे है।
वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी कुशल आयोजक तो है ही, साथ ही बेहतरीन इंसान भी है। संस्कृतिकर्मी भवानी सिंह ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी बीकानेर साहित्य क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखते है।
कवि पुनीत कुमार रंगा ने कहा कि क़ासिम बीकानेरी प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अनेक शहरों में अपनी शायरी की धाक जमा चुके है।
प्रज्ञालय संस्थान द्वारा आज उनके 49वें जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें माला शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न अर्पण कर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारेाह में नवनीत व्यास, अशोक शर्मा, कन्हैयालाल सोलंकी, रज्जाक भाई, राहुल आचार्य, अंकित रंगा सहित सभी ने उन्हें बधाई दी।
सम्मान समारेाह का संचालन संस्कृतिकर्मी आशीष रंगा ने किया और सभी का आभार कार्तिक मोदी ने ज्ञापित किया।