आशिकमास मे हुए सामूहिक पूजा अर्चना व हवन
आशिकमास मे सामूहिक पूजा अर्चना
पाली / पुरुषोतम माह में बडी ब्रह्मपुरी के बाहर स्थित बूढा बापू महादेव मन्दिर में भगवान पुरुषोतम क़ी विधि विधान से स्थापना कर महिलाओं ने नित्य पूजा अर्चना क़ी। प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त मे सुर्य उदय से पहले लाखोरिया घाट पर जाकर ब्रहम स्नान कर बड़, पिपल, तुलसी, आवला व बिल पत्र वृक्ष की पुजा करने नित्य मन्दिर में भगवान पुरुषोतम की पूजा कर कथा क़ी गईं। इसके साथ ही गौर माता क़ी पुजा अर्चना करके ठाकुर को रोज भोग लगाया गया , महिलाओं द्वारा रोजाना अपने घर से भोग बनाकर ठाकुरजी को अर्पण करने प्रसाद सभी में वितरण करते । मंदिर अधिकमास में प्रतिदिन हवन एवं भजन कीर्तन किए गए।
पुरुषोतम मास में दान का बहुत महत्व महत्व को देखते हुए चांदी व स्वर्णदान भक्तो द्वारा किया गया। सांय मे अपना घर में जाकर ठाकुर जी मीठा भोजन करवाया गया। पुष्करराज तीर्थ मे स्नान कर जरूयतमंदो मे दान पुण्य किया। ओर मालपुये बाँटे गए।
अन्तिम दिन सोमवती अवास्या पर विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमे जोडे द्वारा बारी बारी से 2001 आहुतिया देकर पुर्ण आहुति के पश्चात आरती व प्रसाद वितरण किया गया। पूरे माह चले इस धार्मिक मनोरथा मे कमला देवी परिहार (सोनी), हेया मण्डोरा, जशोदा दवे, माया वैष्णव, मीना मण्डोरा, ऊषा बाडमेरा, सरोज मण्डोरा, मिनाक्षी आर्चाय, मन्जु आचार्य,रेणु कश्यप, सुशीला कश्यप व पडित रमेश दवे का सहयोग रहा। कल्पना कश्यप सेवत्ती सोनी ने चौदस के दिन धर्मधारी गाजण माता व धरमपुरा गौशाला में गौ ग्रास का वितरण किया।