आगाज यो होता पर अंजाम नहीं होता

आगाज यो होता पर अंजाम नहीं होता

आगाज यो होता पर अंजाम नहीं होता 

THE BHASWAR TIMES 

BY:-ANJU JANGID RADHE 

आगाज़ यो होता पर अंजाम नहीं होता 
मेरे लफ्जो तेरा ज़िक्र न हो ऐसा नहीं होता..!!

बेशक नींद आती है तो ख़्वाब भी आते है 
तुम ख्वाबों में न आओ ये कभी नहीं होता !!