घर दस्तावेज पंजीयन की राशि में बढ़ोतरी-राव
घर दस्तावेज पंजीयन की राशि में बढ़ोतरी-राव पाली/ गरीब असहायों के हितों की रक्षक होने की प्रदेश की भाजपा सरकार के दावे उस समय खोखले साबित होने लगे जब असहायों के घर दस्तावेज पंजीयन की राशि गुपचुप तरीके से एक दो नहीं पांच गुना बढा उन्हें आर्थिक बोझ के तले दबने को मजबूर किया है।
जिला कांग्रेस कमेटी संगठन महासचिव एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम पाली भंवर राव ने बताया की प्रदेश की भाजपा सरकार की कथनी एवं करनी में साफ अंतर दिखलाई देता है । असहाय व्यक्ति अपने दस्तावेजों का पंजीयन संबंधित कार्यालय में जाने में असमर्थ होने पर उनके घर पर पंजीयन पर 1000 रूपये शुल्क था जिसे कम करना तो दूर 5000/- रूपये कर असहायों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। सरकार का यह कदम असहाय लोगो के लिए अहितकर साबित होगा। यहीं नहीं सरकार के वित्त विभाग में 08 दिसम्बर 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी कर पंजीकृत दस्तावेजों की नकल फीस 100/- रूपये से बढाकर दो गुनी यानि नोट 200/- रूपये कर दिये है। बैंको से लोने लेने के लिए सर्च रसीद की राशि को भी 50/- से बढाकर 100/- रूपये कर दिया है। एक तरफ 10 लाख रूपये के लोन पर मौका निरीक्षण नहीं करने का प्रावधान रखा गया है। जबकि दूसरी तरफ साईट इंस्पेक्शन के नाम लोगों की जेब पर डाका डालने का प्रयास ही नहीं हकीकत में अमली जामा पहनाने के लिए अधिसूचना कर दी। अब प्लॉट/मकान के साईट इंसपेक्शन पर मौजूद राशि पर 1000/- रूपये बढ़ा दिये है। CSI fees 300 से बढ़कर 500 कर दी। भंवर राव ने देश एंव प्रदेश की डबल ईजंन कि भाजपा सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में लिये गये अनितिगत निर्णय को वापस लेकर जनता को अत्यधिक बेरोज़गारी एवं मंहगाई दौर मैं राहत पहचाने वाले जनहितैशी निर्णय लेने की ज़रूरत पर बल दिया है। इसके अलावा एक अन्य तुगलकि आदेश के तहत मकान निर्माण में सरकारी आरसीसी की दर 1800/- रुपये प्रति वर्ग फीट कर दी है
जबकि वास्तविकता में वर्तमान में मकान निर्माण 1200/-रुपए से भी कम दर में बन रहे हे। इस जन - विरोधी निर्णय का खामियाजा अपने आशियाने का सपना संझोये आम जरूरतमंदों को भुगतना पड़ रहा है ।