धन्य हुई धरा डेह की पाकर निर्मल सपूत

धन्य हुई धरा डेह की पाकर निर्मल सपूत
वरिष्ठ पत्रकार पवन पहाड़िया
डेह, नागौर
साधारण से सेठी परिवार में जन्में निर्मलकुमार सेठी जैन जगत में इस तरह छा जाएंगे यह किसने सोचा होगा । हरकचंद सेठी के घर जन्में इस सपूत नें अपने बल बूते पूरे उत्तरप्रदेश व आसाम में अपनी फ्लोर मिलें लगाकर हजारों को नोकरिया देते हुए स्वयं ने जैन धर्म के प्रचार प्रसार , जीर्णोद्वार व समाज के निर्धन पर प्रतिभावान बच्चों के लिए स्कॉलरशिप योजनाएं चलाते चलाते अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महासभा के अध्यक्ष पद तक पहुंचकर जैन धर्म का विदेशों तक परचम फहराया । इतनी बड़ी महासभा के सर्वोच्च पद पर आपने लगातार चालीस साल तक निर्विरोध अध्यक्षता कर इतिहास बनाया । आप के स्वर्गवास के समय भी आप इसी पद पर रहते आपने अंतिम सांस ली ।
आप का सादा जीवन , आपकी सरलता व नाम के अनुरूप ही निर्मल भावों का सकल जैन समाज कायल था । आपके देहावसान के बाद से ही सम्पूर्ण भारत में जगह जगह आपकी पुण्य तिथि धरोहर दिवस के रूप में मनाई जाती रही है ।
आज इनके देहावसान के पांच वर्ध बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जब भारत गौरव प्रदान कर इतना बड़ा सम्मान दिया तो समूचे जैन जगत में खुशी की लहर दौड़ गई ।
सबसे ज्यादा खुशी तो उनके जन्म गांव डेह वालों को हुई कि आज हमारे गांव के सपूत की जैन धर्म के लिए की गई सेवाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यह उपाधि प्रदान करी ।
समाज सेवी व राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए गठीत नेम प्रकासन के अध्यक्ष पवन पहाड़िया सहित सभी पदाधिकारियों ने उनके सुपुत्र धर्मेंद्र सेठी ( अध्यक्ष उत्तरप्रदेश फ्लोर मिल्स एसोसिएशन ) को फोन पर हार्दिक बधाई भेज कर अपनी खुशी का इजहार किया है ।