राजस्थानी को राजभाषा घोषित करने की मांग,
राजस्थानी को राजभाषा घोषित करने की मांग,
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत के नेतृत्व में बांगड़ कॉलेज में विद्यार्थियों ने किया विरोध प्रदर्शन।
पाली, 28 जुलाई 2026.
राजस्थानी भाषा को राजस्थान की राजभाषा घोषित करने तथा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को बांगड़ कॉलेज में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर राजस्थानी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और संस्थागत विकास की मांग की गई।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष यशपाल सिंह कुम्पावत ने कहा कि राजस्थानी भाषा राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और करोड़ों लोगों की मातृभाषा है, लेकिन आज भी इसे वह संवैधानिक एवं प्रशासनिक सम्मान प्राप्त नहीं हो सका है जिसकी यह अधिकारपूर्वक हकदार है।कुम्पावत ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के विभाग और अध्ययन केंद्र स्थापित नहीं हैं, ऐसे में राज्य की मातृभाषा की उपेक्षा करते हुए अन्य भाषाओं के अध्ययन केंद्र खोले जाना उचित नहीं माना जा सकता।
कुम्पावत ने कहा कहा कि राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के साथ-साथ राजस्थान की राजभाषा घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के विभाग एवं अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि भाषा के संरक्षण एवं शोध को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि राजस्थानी भाषा को प्राथमिक विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जाए तथा रीट सहित सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में इसे स्थान दिया जाए। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को उसकी मातृभाषा राजस्थानी में प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ी रह सके।
कुम्पावत ने कहा कि किसी भी प्रदेश की भाषा उसकी सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक विरासत की पहचान होती है। इसलिए राजस्थानी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार को ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों की मांग को राज्य सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर नरेश चौधरी,जयेश चौहान,पूनम सिंह,कमलेश,अजय बोराणा,अर्पित आदिवाल,भावेश माली,अनुराग सिंह सहित कई विद्यार्थी उपस्थित थे।