कारीगरों को मिली स्वरोजगार और डिजिटल कारोबार की जानकारी
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कारीगरों को मिली स्वरोजगार और डिजिटल कारोबार की जानकारी
बांदीकुई/दौसा। एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को बांदीकुई में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, टूलकिट प्रोत्साहन, डिजिटल सशक्तिकरण, विपणन सहायता तथा स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट मार्केटप्लेस और एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यवसाय को ऑनलाइन बढ़ाने और ई-कॉमर्स से जुड़ने के तरीकों से भी अवगत कराया गया।
एमएसएमई विकास कार्यालय की सहायक निदेशक अनिला चोरड़िया ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों के कौशल को निखारना, उन्हें आधुनिक संसाधनों से जोड़ना तथा आत्मनिर्भर बनाकर देश की अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक मेघराज मीना ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने, नए रोजगार सृजित करने तथा उद्यमियों को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत है।
एमएसएमई विकास कार्यालय के सहायक निदेशक तरुण भटनागर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रावधानों, लाभों, कौशल उन्नयन और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए लाभार्थियों को डिजिटल माध्यमों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बांदीकुई विकास अधिकारी नितिन कुमार सैनी ने सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।एलडीएम पीएम बुनकर ने ऋण योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई। इंडिया पोस्ट के प्रबंधक सुधांशु गुप्ता ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डिजिटल बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की जानकारी दी।
सम्राट सिंह ने फ्लिपकार्ट एवं वॉलमार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर व्यवसाय स्थापित करने और बिक्री बढ़ाने के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रस्तुति दी। वहीं फोनपे राज्य प्रमुख राहुल शर्मा और भारतपे क्षेत्र प्रमुख अमोल पाटिल ने डिजिटल भुगतान प्रणालियों के उपयोग और उनके लाभों की जानकारी देकर प्रतिभागियों को डिजिटल लेनदेन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने योजना की आवेदन प्रक्रिया, कौशल विकास, उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न पूछे और उनका समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान कई प्रशिक्षणार्थियों की डिजिटल ऑनबोर्डिंग भी कराई गई।
अंत में सहायक निदेशक अनिला चोरड़िया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बड़ी संख्या में लाभार्थियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल एवं उपयोगी बनाया।