ख़्वाब तो ख़्वाब ही हैं

dreams are just dreams

ख़्वाब तो ख़्वाब ही हैं

ख़्वाब तो ख्वाब ही हैं

THE BHAWSAR TIMES 

BY:-ANJU JANGID RADHE 

ख़्वाब तो ख़्वाब हैं 
सिर्फ तेरे आ जाने से ही,
हर ख्वाब अनूठा हो जाता है!
नाम तेरा लिख दूँ ग़र तो,
कागज़ मीठा हो जाता है!!