दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में बोले: सचिन पायलट

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दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में बोले: सचिन पायलट
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले मीडिया में बयान देते सचिन पायलट
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में बोले: सचिन पायलट

दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में बोले: सचिन पायलट 

कहा : सरकार लाखों नौजवानों के सपनों को बर्बाद कर रही है

दौसा। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दिल्ली में छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे घमंड और आक्रमण की राजनीति बताया और सरकार से 3 बड़ी मांगें कीं।

मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा: 

पिछले दो दिन में जो सरकार का रवैया रहा...लाखों-करोड़ों नौजवानों के सपनों को बर्बाद करने का काम ये सरकार कर रही है। ये एक बहुत घमंड और आक्रमण की राजनीति है। ये बहुत बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिस तरीके से छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे गए... लाठीचार्ज हुआ...पिटाई हुई। सैकड़ों बच्चे अस्पताल में हैं हाथ पैर टूटे हुए हैं। एक-दो बच्चे वेंटिलेटर पर हैं। और उनके खिलाफ एफआईआर कर दी गई है। ये बिल्कुल गलत है।

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे धरने पर बैठे थे। वो कोई आतंकवादी तो नहीं थे। वो मांग कर रहे थे लोक कल्याण मार्ग पर..! उठा कर ले गए..घसीटा.. पिटाई की। प्रियंका गांधी को घसीटा गया।

विपक्ष की आवाज को दबाने का काम सरकार कर रही है। उठाना..घसीटना..बसों में डालना..थाने में बंद करना। धरना देना...भूख हड़ताल करना..मांगों को रखना - ये तो अधिकार है।

हमारी 3 मांगें हैं

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो। जिन बच्चों पर FIR हुई है वो वापस हो। और जिन बच्चों ने आत्महत्या की है उनके घर वालों को मुआवजा मिले और उनके भविष्य के लिए सरकार खाका बनाए।

पेपर लीक हो रहे हैं..एग्जाम कैंसिल हो रहे हैं। ट्यूशन माफिया...कोचिंग माफिया अरबों-खरबों रुपए ले रहे हैं। स्कूल में कॉलेज में नौकरी नहीं मिल रही। नौजवानों का विश्वास टूट रहा है।

प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। राहुल गांधी ने सिर्फ अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। ये बात सिर्फ एक पार्टी की नहीं है। पूरे देश के तमाम नौजवान, समूचा विपक्ष इनके साथ है।आज हमें उन जख्मों पर मरहम लगाना है। युवाओं को विश्वास देना है कि देश का भविष्य सुरक्षित है। पायलट ने कहा कि अभी राजनीति का समय नहीं है, छात्रों और उनके परिवारों को राहत देने की जरूरत है। 

पायलट ने ये बातें बुधवार को दौसा दौरे के दौरान बोली। इससे पहले मीणा सीमला और मानपुर गांव में पहुंच कर कार्यकर्ताओं के निधन पर शोक जताया।
दर असल दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी। जिसके बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है।