आत्मरक्षा एवं साइबर जागरूकता प्रशिक्षण
*आत्मरक्षा एवं साइबर जागरूकता प्रशिक्षण में बालिकाओं ने लिया सुरक्षित रहने का संकल्प*
पाली, 23 जुलाई। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गुरुवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में डिजिटल साक्षरता, साइबर जागरूकता एवं आत्मरक्षा विषय पर तीन दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 600 छात्राओं ने भाग लेते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा आत्मसुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।
उप निदेशक महिला अधिकारिता विभाग पाली भागीरथ के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को डिजिटल तकनीक के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक प्रियंका व्यास ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीकी रूप से सशक्त होने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया।
साइबर सेल के प्रतिनिधि किशोर ने ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, साइबर बुलिंग तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। यशपाल ने भी साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी साझा की।
कालिका यूनिट की राधा एवं भजना ने छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, बाल सुरक्षा अथवा आपात स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 तथा पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र से तत्काल सहायता प्राप्त की जा सकती है। गरिमा हेल्पलाइन की पार्वती ने राजकॉप सिटिजन ऐप के उपयोग की जानकारी दी।
सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक देवी बामणिया ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर ने महिलाओं एवं बालिकाओं के कानूनी अधिकारों तथा नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने तथा आत्मसुरक्षा के प्रति सदैव सजग रहने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त स्टाफ तथा लगभग 600 छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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