एचआरपी महिलाओं की हुई विशेष स्क्रीनिंग*
*मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर एचआरपी महिलाओं की हुई विशेष स्क्रीनिंग*
*समय पर पहचान और उपचार से सुरक्षित मातृत्व की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का प्रभावी कदम*
पाली, 23 जुलाई 2026/ जिलेभर में गुरुवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन डे) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य सत्रों में गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की विशेष स्क्रीनिंग की गई।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि जिले में आयोजित एमसीएचएन दिवस के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच कर हाई रिस्क गर्भावस्था की पहचान पर विशेष ध्यान दिया। गर्भवती महिलाओं की ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, वजन एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान जोखिम वाली गर्भावस्थाओं को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार उचित परामर्श एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थानों पर रेफरल की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा विभाग द्वारा हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एमसीएचएन दिवस के दौरान चिन्हित एचआरपी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, नियमित जांच, पोषण, संस्थागत प्रसव एवं प्रसव पूर्व देखभाल के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया।
गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, गंभीर एनीमिया, पूर्व में जटिल प्रसव, पूर्व गर्भावस्था में समस्या, कम या अधिक उम्र में गर्भधारण तथा अन्य जोखिम कारकों वाली महिलाओं की विशेष निगरानी की गई।
*एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका*
आरसीएचओ डॉ विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने बताया कि एमसीएचएन दिवस के सफल आयोजन में एएनएम, आशा सहयोगिनी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ ही हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान, परामर्श एवं फॉलोअप में सक्रिय सहभागिता निभाई।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों और हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान कर संभावित जटिलताओं को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सके।
*समय पर पहचान, समय पर उपचार—सुरक्षित मातृत्व का मजबूत आधार*
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने आमजन से अपील की है कि गर्भवती महिलाएं नियमित रूप से प्रसव पूर्व जांच करवाएं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या या जोखिम की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पर चिकित्सकीय परामर्श लें।