राम चरित मानस का क्रोएशियन भाषा में अनुवाद कर करने वाले ज्ञानेशवर पुरी जी महाराज से विशेष बातचीत 

राम चरित मानस का क्रोएशियन भाषा में अनुवाद कर करने वाले ज्ञानेशवर पुरी जी महाराज से विशेष बातचीत 

राम चरित मानस का क्रोएशियन भाषा में अनुवाद कर करने वाले ज्ञानेशवर पुरी जी महाराज से विशेष बातचीत 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

जाडन/ सोजत। राम चरित मानस का क्रोएशियन भाषा में अनुवाद कर भारतीय संस्कृति का यूरोप में प्रचार प्रसार करने वाले ओम विश्व दीप गुरुकूल के स्वामी महा मंडलेश्वर ज्ञानेशवर पुरी जी महाराज ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया प्रश्न 1. राम चरित मानस का चयन आपने क्यों किया उत्तर -यह एक महाकाव्य है जिसमें जीवन का सार समाहित है जो भारत की दिव्य आध्यात्मिक एवं धार्मिक तथा सांस्कृतिक उर्जा का संचार करता है। प्रश्न 2.राम चरित मानस का कौनसा भाग आपकों अच्छा लगता है उत्तर - संपूर्ण राम चरित मानस अच्छा लगता है मेरे दिल के बहुत करीब है इसमें उतर कांड मुझे बहुत अच्छा लगता है काक भुशुडी जी के माध्यम से जो संवाद जो कहानिया हैं वो अमरत्व तथा जीवन के उद्देश्यों की ओर इंगित करती हैं। प्रश्न - भारतीय संस्कृति और यूरोपीयन संस्कृति में क्या अंतर है उत्तर भारतीय संस्कृति एवं यूरोपीयन संस्कृति में बहुत अंतर है यूरोप वाले भौतिकता की ओर दौड़ते हैं वहा जीवन स्थर नही है शांति नहीं है यहा शांति भी है और जीवन स्थर भी है परिवार का प्रेम भी है समाज के प्रति निष्ठा भी है वसुधैव कुटुम्बकम की भावना भी है । प्रश्न अभी तक आपने कौन कौन से ग्रंथ पढ़ें हैं उत्तर रामायण,राम चरित मानस,महा भारत 18 पुराण,वेद,उपनिषद ँँप्रश्न- आधुनिक भारत की माताओं एवं बच्चों से आप क्या अपेक्षा रखतें हैं उत्तर महिलाएं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे भगवान एवं महा पुरुषों के चरित्र के उद्धरण दे उन्हें मोबाइल से दूर रखे आधुनिक पीढी को सबसे ज्यादा दूषित किया है तो वो है मोबाइल अभिभावक अपने बच्चों के हाथों में मोबाइल थमा तो देते हैं परंतु वे क्या देख रहे हैं इसका भान माता पिता को नहीं रहता है बच्चों को भी चाहिए की अच्छी संगत में रहें संस्कारी बने मोबाइल से दूर रहें।प्रश्न भारत से विश्व क्या अपेक्षा कर सकता हैं उत्तर भारत ज्ञान का खजाना है पूरे विश्व को ज्ञान दे सकता है भारत विश्व गुरु था भारत ही विश्व को शांति का रास्ता दिखला सकता है । हमें अपने गौरवशाली इतिहास को नहीं भूलना चाहिए सभी को हिला-मिलकर रहना चाहिए। इस मौके ओम विश्व दीप गुरु कूल महा विद्यालय के प्राचार्य सुरेश गर्ग, उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य झूमरलाल गर्ग,पाली जिला शारीरिक शिक्षक संघ संरक्षक सत्तुसिह भाटी, माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश सोलंकी कवि साहित्यकार वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही उपस्थित थे।