अपराध से अर्जित सम्पति कोर्ट आदेश से कुर्क            

अपराध से अर्जित सम्पति कोर्ट आदेश से कुर्क            

अपराध से अर्जित सम्पति कोर्ट आदेश से कुर्क                     जोधपुर /अपराध से अर्जित सम्पति को नवीन विधिक प्रावधान अनुसार माननीय न्यायालय के आदेश से कुर्क करवाया गया है। पुलिस आयुक्त जोधपुर विनीत कुमार बंसल पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम के निर्देशानुसार व रोशन मीणा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम एवं रविन्द्र बोथरा सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापनगर के निर्देशानुसार थानाधिकारी गोविन्द व्यास नि.पु. के नेतृत्व में साईबर अपराधी छैलूसिंह पुत्र अर्जुनसिंह उम्र 22 साल जाति राजपूत निवासी खाराबेरा भीमावतान पुलिस थाना लूणी हाल निवासी सी-11 रामेश्वर नगर पुलिस थाना भगत की कोठी जोधपुर द्वारा अपराध से अर्जित सम्पति को नवीन विधिक प्रावधान अनुसार माननीय न्यायालय के आदेश से कुर्क करवाया गया है।

 08.अगस्त.2025 को पुलिस महानिदेशक राजस्थान के निर्देशानुसार आयुक्तालय क्षेत्र में 'ए' श्रेणी की नाकाबन्दी करवाई गई थी जिसके तहत डीपीएस सर्किल स्थित नाका 16 के पास थानाधिकारी ईश्वरचन्द पारीक पुलिस थाना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड मय जाब्ता द्वारा नाकाबन्दी की गई। नाकाबन्दी के दौरान पाल बालाजी की तरफ से एक बिना नंबरी काली फॉर्च्यूनर गाड़ी बहुत तेजगति से नाका 16 की तरफ आने पर आई उसे रूकवाने का प्रयास किया गया किन्तु वाहन चालक द्वारा वाहन को तेजगति व खतरनाक तरीके से चलाकर बैरियर को टक्कर मारकर नाकाबन्दी तोड़ दी गई एवं डाली बाई मन्दिर की तरफ गाड़ी को तेजगति से भगाकर ले गया। इस घटना के संबंध में वायरलेस सेट से सूचना देकर पीसीआर द्वारा

वाहन को रूकवाने संबंधी निर्देश जारी करवाये गये जिसकी पालना में राजीव गांधी नगर थाना पुलिस द्वारा इस वाहन को रूकवाया गया तथा तलाशी लेने पर उसमें तीन युवक सवार पाये गये। सवार युवकों के बारे में राजकॉप एप्प पर सर्च करने पर वाहन चालक युवक छैलूसिंह पुत्र अर्जुनसिंह उम्र 22 साल जाति राजपूत निवासी खाराबेरा भीमावतान पुलिस थाना लूणी हाल निवासी सी-11 रामेश्वर नगर पुलिस थाना भगत की कोठी जोधपुर के विरूद्ध कई प्रकरण दर्ज होना ज्ञात हुआ। वाहन सवार युवकों द्वारा नाका 16 पर कारित की गई घटना के संबंध में पुलिस थाना चौपासनी हाउसिंग बोर्ड पर प्रकरण संख्या 241 09.अगस्त.2025 धारा 109 (1) 132 3 (5) बीएनएस व 3 पीडीपीपी एक्ट दर्ज कर तफ्तीश गोविन्द व्यास निपु थानाधिकारी प्रतापनगर सदर से शुरू करवाई गई।

इस प्रकरण में गिरफ्तार मुल्जिम छैलूसिंह से मुकदमा की पूछताछ व अनुसंधान के दौरान ज्ञात हुआ कि छैलूसिंह आला दर्जे का साईबर अपराधी है जिसनें साईबर अपराधो में ठगी के माध्यम से अर्जित धन से अवैध चल अचल सम्पति सृजित की है तथा जांच के दौरान मुल्जिम छैलुसिंह की आपराधिक पृष्ठभूमि एंव आर्थिक स्थिति बाबत् गोपनीय रूप से मालूमात करनेमहाराष्ट्र उत्तरप्रदेश हरियाणा राजस्थान में कई प्रकरण दर्ज है जिसमें साईबर अपराध से सम्बन्धित भी कई मुकदमे दर्ज होने पाये गये। इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियो को अवगत करवाने पर पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम विनीत कुमार बंसल आईपीएस द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 बीएनएसएस के तहत अपराध से सृजित सम्पति की जांच प्रारम्भ कर आवश्यक कार्यवाही बाबत निर्देशित किया गया। जांच से ज्ञात हुआ कि छैलूसिंह ने साईबर अपराध के माध्यम से जो धन अर्जित किया था उसे नगद हवाला ईत्यादि के जरिये स्वयं ने प्राप्त किया तथा उस अवैध धन से एक वाहन फॉर्च्यूनर की लोन लेकर खरीद की गई ताकि उसे वैध तरीके से ली हुई दर्शाया जा सके जिसकी कीमत लगभग 3600000/- रुपये होना पाई गई। साथ ही अपने गांव में पुश्तैनी जमीन पर एक बड़ा आलीशान मकान बनाने में इस धन का प्रयोग करना ज्ञात हुआ जिसकी जांच करने पर मकान निर्माण में अवैध रुप से अर्जित लगभग 5600000/- रुपये (छप्पन लाख रूपये) निवेश किया जाना पाया गया। उक्त दोनो सम्पतियां अपराधी छैलूसिंह की आर्थिक स्थिति के अनुसार गैर अनुपातिक होने से इसके संबंध में रिकॉर्ड प्राप्त करने पर अपराध के माध्यम से अर्जित अवैध धन से खरीद/निर्माण किया जाना पाये जाने पर नियमानुसार माननीय न्यायालय अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 08 जोधपुर महानगर में धारा 107 बीएनएसएस के तहत ईस्तगासा प्रस्तुत किया गया तथा सहायक लोक अभियोजकगण के सहयोग से माननीय न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। माननीय न्यायालय द्वारा प्रार्थी व अप्रार्थी पक्ष दोनो को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए ईस्तगासा में उपलब्ध रिकॉर्ड एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर जोधपुर पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को सही पाते हुए इस्तगासा में प्रश्नगत सम्पत्ति वाहन फॉर्च्यूनर तथा निर्माणाधीन आलीशान मकान को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है।

नवीन आपराधिक कानून के तहत धारा 107 बीएनएसएस जांच अधिकारी को इस हेतु सशक्त बनाती है कि अपराध के अनुसंधान के दौरान यदि यह ज्ञात होता है कि किसी अपराधी ने अपराध के माध्यम से सम्पति अर्जित की है तो इस संबंध में विस्तृत जांच कर उस अपराध में कही भी अर्जित सम्पति को कुर्क करवाया जा सकता है। नवीन आपराधिक कानून का उद्देश्य केवल अपराधी ही नहीं उसके द्वारा कमाई गई अवैध सम्पति पर भी सख्त कार्यवाही करना है ताकि अपराधियों की आर्थिक रूप कमर तोड़ी जा सके। जिससे अपराधियों का हौसला पस्त हो।