जमाअते इस्लामी हिन्द द्वारा आयोजित पड़ोसियों के अधिकार मुहिम 5 दिसम्बर तक रहेगी जारी

जमाअते इस्लामी हिन्द द्वारा आयोजित पड़ोसियों के अधिकार मुहिम 5 दिसम्बर तक रहेगी जारी

जमाअते इस्लामी हिन्द द्वारा आयोजित पड़ोसियों के अधिकार मुहिम 5 दिसम्बर तक रहेगी जारी

इक़रा पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ सल्ला में हुआ आयोजन 

 रिपोर्ट मुमताज अली 

ब्यावर। जमाअते इस्लामी हिन्द ने पड़ोसियों के अधिकार मुहिम इस श्लोकन के साथ शुरू की थी कि आदर्श पड़ोस -आदर्श समाज 21 नवम्बर से 30 नवम्बर तक देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया था । लेकिन जमाअते इस्लामी हिन्द,ज़िला - अजमेर, ब्यावर व राजसमन्द ने इस मुहिम को 5 दिसम्बर तक जारी रखने का फैसला किया है। उसी के तहत आज इक़रा पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ सल्ला में एक कार्यक्रम का आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता मुमताज़ अली सहसचिव जमाअते इस्लामी हिन्द ज़िला -अजमेर, ब्यावर व राजसमन्द ने की व मुख्य अतिथि मेहबूब खान सचिव शेख़, सय्यद, मुग़ल, पठान महासभा ब्यावर ने की 

कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना मुहम्मद सलीम ने तिलावते कुरआन से की। इसके बाद मेहबूब खान ने अपनी बातें रखते हुए कहा कि प्यारे बच्चों व यहां के स्कूल के साथियों आप जानते हैं कि जमाअते इस्लामी हिन्द ने जो पड़ोसियों के अधिकार मुहिम का फैसला किया है बड़ा सोच-समझकर किया है। आज पड़ोसी पड़ोसी को छोटी छोटी बातों को लेकर परेशान करता। ख़ासतौर से गांवों में रास्तों व जमीनों को लेकर , बड़े शहरों में तो यह हाल है कि पड़ोसी से पड़ोसी से कोई लेना देना ही नहीं बरस नहीं बरसों एक ही फ्लैट रहते हैं। लेकिन मालूम ही नहीं होता कौन किस हाल में है । जबकि एक दूसरे के बारे में मालूम होना चाहिए। एक दूसरे के दुख सुख के बारे जानकारी भी होना चाहिए। और कोई परेशानी हो तो एक दूसरे की मदद भी करना चाहिए।

मुमताज़ अली सहसचिव जमाअते इस्लामी हिन्द ज़िला अजमेर, ब्यावर व राजसमन्द ने भी अपनी बातें रखते हुए कहा प्यारे बच्चों आप सबको भी अपने घर के आस-पड़ोसियों का खास ख्याल रखना चाहिए। और स्कूल व रास्ते के भी आप लोग भी चन्द घण्टों के एक दूसरे पड़ोसी जैसे ही हैं इस टाइम आप लोगों को भी अपने साथियों का पूरा- पूरा ख्याल रखना चाहिए जैसे किसी से लड़ाई झगड़ा नहीं करे अगर साथी को पेन- पेंसिल या पढ़ाई से मुतआलिक कोई भी चीज जरूरत पड़ जाए तो फोरन मदद कर दें व पढ़ाई में कोई सवाल ना आ रहा है तो उसे बताएं। अपने उस्ताद या गुरु पढ़ाई से ताल्लुक से जो भी काम दें करके लाएं। और सर या गुरु को कभी नाराज़ नहीं करें । क्योंकि गुरु वह मौमबत्ती है जो दूसरों को रोशन करने के लिए अपनी पूरी ज़िन्दगी ख़फ़ा देता। और प्यारे बच्चों अगर रास्ते में जैसे पत्थर कांटे या कोई इंसानों को नुकसान पहुंचा ने वाली चीज कोई पड़ी हो तो उसको एक तरफ हटा देना चाहिए यह भी सवाब- पूण्य का काम है। इसके बाद मुहिम फोल्डर व किताबचे बच्चों व स्कूल स्टाफ को पेश किए गए। इस मौके पर जितेंद्र, बाबूलाल, जहूर अहमद, फरीदा बानो,सजिना देवी, अलीमुद्दीन, शाइन बानो,अफीफा बानो,साजिया बानो ,हजराना बानो व अन्य लोग मौजूद थे।