जेंडर संवेदीकरण एवं बाल विवाह मुक्त अभियान पर कार्यशाला आयोजित
*जेंडर संवेदीकरण एवं बाल विवाह मुक्त अभियान पर कार्यशाला आयोजित*
पाली 12 दिसम्बर। महिला सशक्तिकरण विभाग के उपनिदेशक भागीरथ के निर्देशानुसार, शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जवड़िया (पाली) में जेंडर संवेदीकरण एवं ‘‘बाल विवाह मुक्त भारत‘‘ अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को महिला हिंसा उसके दुष्परिणामों तथा बाल विवाह के खतरों के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में जिला हब एम्पावरमेंट ऑफ विमेन से जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने बताया कि जीवन के विभिन्न पड़ावों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के प्रकारों, कारणों और उसके गंभीर दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। राजश्री ने बताया कि महिला हिंसा न केवल शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचाती है, बल्कि समाज की प्रगति को भी बाधित करती है। इसके साथ ही, ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत बाल विवाह के भयावह परिणामों जैसे स्वास्थ्य समस्याएं शिक्षा से वंचन, घरेलू हिंसा और बाल मृत्यु दर में वृद्धि पर जोर दिया।उन्होंने उपस्थित छात्रों को जागरूक रहने का आह्वान किया और आसपास बाल विवाह या बाल शोषण की घटनाओं की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर साझा किए। इनमें चाइल्डलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 प्रमुख हैं। इसके अलावा, स्थानीय पंचायत या नगर पालिका को भी तत्काल सूचित करने की सलाह दी गई, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। स्पेशलिस्ट ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हम बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के उपप्राचार्य विवेक चितारा, अध्यापक रमेश कुमार श्रवण कुमार पवन कावर उषा बांगड़ तथा गायत्री संगतानी ने सक्रिय भागीदारी निभाई। लगभग 37 बालक -बालिकाओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली एवं सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लेकर अपने आसपास ऐसी कुरीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएंगे। यह कार्यशाला 100 दिवसीय विशेष अभियान की पहली कड़ी साबित हुई, जो पूरे जिले में महिला सशक्तिकरण और बाल अधिकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।