*मीडिया की भूमिका पर कार्यशाला व संवाद कार्यक्रम आयोजित*
सुरक्षा , करुणा , जागरूक जानकारी व तथ्य आधारित रिपोर्टिंग की जानकारी द
मानव व वन्यजीव सहअस्तिव्व एक ही चक्र के दो पहलू है इसमें मीडीया की अहम भूमिका - उपवन संरक्षक राजसमंद कस्तूरी प्रशांत
पाली, 07 अक्टूबर। जिला कलक्टर कार्यालय के जिला परिषद सभागार में मंगलवार को वन विभाग राजसमंद व जोजावर रेंज द्वारा मानव वन्यजीव सहअस्तित्व विषय पर मीडिया के साथ कार्यशाला व संवाद का आयोजन किया गया। उपवन संरक्षक राजसमंद कस्तूरी प्रशांत ने बताया कि मानव व वन्यजीव सहअस्तिव्व एक ही चक्र के दो पहलू है इसमें मीडीया की अहम भूमिका है।
उपवन संरक्षक राजसमंद ने कहा कि मानव व वन्यजीव का सहअस्तित्व है व इनमें क्षत्रुवत व संघर्ष के व्यवहार ना होना चाहिये।
उन्होंनें कहा कि मानव व वन्यजीव सहअस्तिव के चक्र में मीडीया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उल्लेखनीय है कि 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है जिसमें एक नवाचार के तहत मीडीया के साथ चर्चा व संवाद कर जानकारी प्रदान की जा रही है कि वन्यजीवों से सम्बन्धी समाचार रिर्पाेटिग के समय किस प्रकार से समाचार में क्या करना चाहिये व क्या नही ।
मीडिया की भूमिका
.कार्यशाला में बताया गया कि जिम्मेदार रिपोर्टिंग के सिद्धांत तथ्य आधारित और संतुलित समाचार सनसनीखेज भाषा और भ्रामक तस्वीरों से बचना स्थानीय संदर्भ और संवेदनशीलता को ध्यान में रखना , मीडिया की सकारात्मक भूमिकाएँ आपदा/संघर्ष के समयः बचाव दल और संसाधनों का समन्वय दीर्घकालिक स्तर परः शिक्षा, जन-जागरूकता और सह-अस्तित्व का संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोणः अनुसंधान, आंकड़ों और विशेषज्ञ मतों को उजागर करना , नकारात्मक रिपोर्टिंग के दुष्परिणाम जन-आक्रोश और हिंसक प्रतिक्रिया वन्यजीवों के प्रति शत्रुता, व्यावहारिक अभ्यास स्टडीः किसी संघर्ष की घटना की मीडिया कवरेज का विश्लेषण कैसे हो के बारे में बताया गया।
साथ सही बनाम गलत हेडलाइन/फोटो का तुलनात्मक अभ्यास ग्रुप डिस्कशन , रिपोर्टर ऐसे मामलो में रिर्पाेटिंग कैसे रिपोर्ट करेंगे?“ सहयोग और नेटवर्किंग स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और मीडिया के बीच समन्वय समुदाय की भागीदारी और नागरिक रिपोर्टिंग , सोशल मीडिया की जिम्मेदार उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला में मीडीयाकर्मियो को इस प्रकार की कवरेज करते समय आदमखोर , खूंखार आदि शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिये व तथ्यात्मक वास्तविक , सूचना एंव जानकारी लोगों के बीच ना जाये जिससे किसी प्रकार की सनसनीखेज व फेक या ऐसी रील नही बनायी जानी चाहिये जो निराधार हो व इससे भय का माहौल उत्पन्न होता हो ।
इस अवसर पर वन्यजीवों के विभिन्न प्रकार प्रजातियों के बारे में जिनमे भेडिया , भालू , तेन्दुआ , चीता , लपर्ड आदि के बारे में जानकारी दी गयी। साथ ही इनसे संबधित जो भां्रन्तिया है उनके बारे में वास्तविक तथ्यो के बारे में व लोगों का परसेप्शन को चेंज करना का मोटिव है जिसमे किसी भी घटना के पीछे के कारण को बताये जाने पर जोर दिया। उन्होने चर्चा के दौरान मीडिया की सकारात्मक भूमिकाओं पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला को खुले सत्र की तरह रखा गया व जिसमें मीडीयाकर्मीयो से जानकारी , प्रश्नों को भी लिया गया ।
इस अवसर पर उपवन संरक्षक पाली बाला मुरगन ने भी अपने अनुभवो ंको बताया । इस अवसर पर मीडीयाकर्मी शेखर राठौड़, ओमप्रकाश चतुर्वेदी, भारत भूषण, श्रवण भाटी, रविन्द्र सोनी, दिनेश चौहान, मो. यासिन, सुरेश हेमनानी, संदीप राठौड़, विशारद जोशी, मुकेश राजा, गोपाल माली, मुकेश सोनी, शरद भाटी, व वन विभाग तखतगढ़ एसीएफ प्रियवृतिसिंह, सुमेरपुर एसीएफ ऋषिराजसिंह, पाली एसीएफ शाहिल, आरओ विजेन्द्रसिंह डाबी, देसूरी आरओ अरविन्दसिंह, सादडी आरओ जितेन्द्रसिंह, फ्लाईंग इंचार्ज राजसमंद सत्यानंद गरासिया, वनपाल जोजावर तुलसीराम एवं समस्त स्टॉफ रैंज जोजावर, देसूरी, सादड़ी मौजूद रहे।
प्रबंध संपादक स्टेट हेड ब्यूरो चीफ ,द भास्वर टाईम्स ,
शैक्षिक योग्यता -बी कॉम, पत्रकारिता डिप्लोमा, अनुभव -सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में 43 वर्ष राजकीय सेवा