अवैध पट्टे जारी कर करोड़ो की धोखाधड़ी*

अवैध पट्टे जारी कर करोड़ो की धोखाधड़ी*
अवैध पट्टे जारी कर करोड़ो की धोखाधड़ी     

अवैध पट्टे जारी कर करोड़ो की धोखाधड़ी             जोधपुर के रामपुरा भाटियान ग्राम पंचायत में सरकारी भूमि पर अवैध पट्टे जारी कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में मथानिया पुलिस थाने में 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफ़ाईआर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व सरपंचों, ग्राम विकास अधिकारियों, पटवारी और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। रामपुरा भाटियान निवासी श्रवणराम पुत्र बाबूराम के इस्तगासा पर कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर मथानिया पुलिस ने जांच शुरू की है।

एफआईआर में मुख्य आरोपी रामपुरा भाटियान निवासी ललित गहलोत पुत्र मदनलाल गहलोत ने सरकारी कर्मचारियों से मिलीभगत कर ग्राम पंचायत के नियम विरुद्ध लाभ और अवैधिक व्यवसायिक पट्टा लेने का आरोप है। उसके अलावा रामपुरा भाटियान का पूर्व ग्राम विकास अधिकारी दिनेश ओझा के साथ संजू पत्नी हुकमाराम पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत रामपुरा भाटियान, पूर्व सरपंच प्रेमसिंह परिहार पुत्र दलाराम, पूर्वसरपंच वीराराम सांखला उर्फ नारायणराम सांखला, पूर्व ग्राम विकास अधिकारी रतनलाल मेघवाल, पूर्व पटवारी बबिता सैनी ने लोकसेवक रहते सरकारी धन व पद का दुरुपयोग कर घोटालें में सहयोग किया। मथानिया राम कुटिया की महादेव कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक गणपत टाक, अंबिका कंस्ट्रक्शन, ओसियां के नेवरा निवासी ईश्वर गिरी, अंबाडिया मशीनरी और माधव प्लास्टिक इंडस्ट्रीज के संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है।

 तहसील तिंवरी के पटवार क्षेत्र रामपुरा भाटियान में खसरा संख्या 145 किस्म गैर मुमकिन रास्ता सरकारी रास्ता स्थित है। इस भूमि पर पूर्व सरपंच प्रेमसिंह परिहार और पूर्व ग्रामसेवक दिनेश ओझा ने मिलीभगत कर सरकारी भूमि गैर मुमकिन रास्ते पर अन्य व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की नियत से अवैध पट्टे जारी किए।

ढलाराम पुत्र बोराराम मेघवाल को पट्टा संख्या 85, 15 जनवरी 2013, रावलराम पुत्र मदनलाल लौहार को पट्टासंख्या 24 और नैनाराम पुत्र दुर्गाराम लौहार को पट्टा संख्या 23, 25 फरवरी 2009 को जारी किए गए। पूर्व ग्रामसेवक ओझा और पूर्व सरपंच प्रेमसिंह परिहार ने नियम विरुद्ध अवैधिक लाभ अर्जित करते हुए अवैधिक रूप से पट्टे जारी कर दिए। इस संबंध में जोधपुर विकास प्राधिकरण ने भी जारी कर दस्तावेजों की रिपोर्ट की मांग की थी।

रिपोर्ट में ललित गहलोत ने ओझा और संजू से मिलीभगत कर पट्टा संख्या 49 मिसल संख्या 15/19-20, 5 मार्च 2019 को नियम विरुद्ध व्यवसायिक नियम से अधिक माप का अवैध पट्टा प्राप्त किया। राजस्थान पंचायती राज नियम के अंतर्गत ग्राम पंचायत को अधिकतम 300 वर्ग गज का पट्टा जारी करने का अधिकार है, लेकिन, 392.77 वर्ग गज का व्यवसायिक पट्टा जारी किया गया।

नियमों में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पट्टा दिया.नियमानुसार यदि 300 वर्ग गज से अधिक का पट्टा जारी करना हो, तो जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुशंसित बाजार दर का 25 प्रतिशत शुल्क लिया जाता है। भूमि मुख्य मथानिया रोड पर स्थित बेहद कीमती जमीन है, जिसका पट्टा बिना नियमानुसार राशि प्राप्त किए जारी कर भारी राजस्व हानि की गई. आरोपियों ने कूटरचित और काट-छांट युक्त रोकड़ बही, कूटरचित बैंक चेक, अवैध टंकी-शौचालय निर्माण के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। कार्यालय पंचायत समिति तिवरी ने 20 नवंबर 2024 को पत्र जारी कर मौका रिपोर्ट के साथ विभिन्न नोटिस जारी किए अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने भी 15 जून 2023 को इस संबंध में पत्र जारी किया था।

आरोप है कि दिनेश ओझा ने दस्तावेजों की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी ताकि साक्ष्य नष्ट हो सकें।