पेंशनर समाज भवन में भीषण गर्मी और बेजुबान पक्षियों की देखभाल पर परिचर्चा आयोजित बेजुबान पक्षियों का बने सहारा : लालचंद मोयल
पेंशनर समाज भवन में भीषण गर्मी और बेजुबान पक्षियों की देखभाल पर परिचर्चा आयोजित
बेजुबान पक्षियों का बने सहारा : लालचंद मोयल
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
सोजत। चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली गर्मी में सिर्फ हम इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवर और पक्षी भी बेहाल होते हैं। बेजुबान पक्षियों का बने सहारा उनके लिए दाना पानी की करें व्यवस्था उक्त उद्गार पेंशनर समाज भवन में भीषण गर्मी और बेजुबान पक्षियों की देखभाल परिचर्चा के तहत पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल ने व्यक्त किए शारीरिक शिक्षक संघ पाली जिला संरक्षक सत्तुसिंह भाटी ने कहा कि भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों की मदद के लिए आप अपनी छत या बालकनी में पानी से भरा सकोरा (परिंडा) और दाना रखें। यह छोटा सा प्रयास उन्हें जीवनदान दे सकता है। संस्था सचिव रामस्वरूप भटनागर ने कहा कि बेजुबान पक्षियों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। शायर कवि अब्दुल समद राही ने कहा कि पक्षियों के घोंसले के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराएं, घायल पक्षियों को विशेषज्ञ को सौंपें। डॉक्टर रशीद गौरी ने कहा कि भीषण गर्मी में बेजुबान जानवर और पक्षी भी बेहाल हैं। जब तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, तब पानी की एक बूंद के लिए इनकी जान पर बन आती है। ऐसे में दाना पानी की व्यवस्था होना चाहिए। दिनेश सोलंकी ने कहा कि पक्षियों के लिए अपनी छत, बालकनी या खिड़की पर मिट्टी के बर्तन (सकोरे) में साफ़ पानी और थोड़ा दाना रखने से उनकी जान बच सकती है। फौजी अशोक सेन ने कहा कि एक छोटा सा प्रयास किसी बेजुबान की जान बचा सकता है। यह सेवा न केवल पुण्य का काम है, बल्कि हमारी मानवता का प्रमाण भी है। इस अवसर पर एडवोकेट जुगल किशोर दवे ईश्वर दास पुरुषवाणी, शंकर लाल पारीक, महेंद्र माथुर, जगदीश पाराशर मोहम्मद यासीन खरादी सहित कई पेंशनर उपस्थित थे। कार्यक्रम का सरस संचालन पेंशनर समाज सचिव रामस्वरूप भटनागर ने किया। आभार फौजी अशोक सेन ने व्यक्त किया।