बढ़ती ठंड व शीतलहर बनी खतरा, बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

omprakash Chauhan chief editor

बढ़ती ठंड व शीतलहर बनी खतरा, बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

बढ़ती ठंड व शीतलहर बनी खतरा, बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

The Bhaswar Times News

क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह–शाम घना कोहरा और तापमान में गिरावट के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शीतलहर का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों पर पड़ रहा है। हाल के दिनों में ठंड से छोटे बच्चों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
 
इसको लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोजावर  के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. विक्रमसिंह ने आमजन से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि शीत ऋतु में सर्दी-जुकाम, खांसी, फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, वहीं हृदय व बीपी रोगियों के लिए अत्यधिक ठंड गंभीर हो सकती है।
 
डॉ. विक्रमसिंह ने सलाह दी कि लोग पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, अंदर सूती और बाहर ऊनी वस्त्रों का उपयोग करें तथा सिर व पैरों को ढककर रखें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। रूम हीटर का उपयोग करते समय कमरे में उचित वेंटिलेशन अवश्य रखें।
 
उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य में किसी प्रकार की परेशानी हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से संपर्क करें और झाड़-फूंक या बहकावे से दूर रहें। 
60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा हृदय व श्वसन रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही खुले स्थानों या निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों और सड़क पर रहने वाले लोगों की मदद करते हुए उन्हें गर्म कपड़े उपलब्ध कराना भी समाज की जिम्मेदारी है।