भारत विकास परिषद, डीडवाना के वार्षिक चुनाव सम्पन्न

भारत विकास परिषद, डीडवाना के वार्षिक चुनाव सम्पन्न

भारत विकास परिषद, डीडवाना के वार्षिक चुनाव सम्पन्न

डॉ. गजादान चारण अध्यक्ष, सुरेन्द्र सोनी सचिव एवं बालमुकुंद बगड़िया वित्तसचिव निर्वाचित

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

भारत विकास परिषद, डीडवाना शाखा के वार्षिक चुनाव रविवार को स्थानीय होटल क्लार्क, स्टेशन रोड, डीडवाना में विधिवत एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुए। निर्वाचन परिणामों के अनुसार डॉ. गजादान चारण पुनः अध्यक्ष निर्वाचित हुए। सचिव पद पर श्री सुरेन्द्र सोनी तथा वित्त सचिव पद पर श्री बालमुकुन्द बगड़िया निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम की घोषणा के साथ ही उपस्थित सदस्यों ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का अभिनंदन करते हुए संगठन के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

निर्वाचन प्रक्रिया परिषद के संविधान की नियमावली के अनुरूप आम बैठक में संपन्न कराई गई। क्षेत्रीय संयोजक (संस्कार) श्री विनोद सेन के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रक्रिया में प्रांतीय वित्त सचिव श्री पुरुषोत्तम सोनी (लाडनूं) ने चुनाव अधिकारी तथा प्रांतीय महिला संयोजक श्रीमती दिव्या माथुर (लाडनूं) ने पर्यवेक्षक के रूप में दायित्व निभाया।

अपने उद्बोधन में क्षेत्रीय संयोजक-संस्कार श्री विनोद सेन ने कहा कि परिषद की शक्ति उसके अनुशासित संगठन, वैचारिक निष्ठा और सेवा-संकल्प में निहित है। उन्होंने डीडवाना शाखा को सक्रिय एवं प्रगतिशील इकाई बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नव-निर्वाचित कार्यकारिणी परिषद की सेवा-परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

चुनाव अधिकारी श्री पुरुषोत्तम सोनी, लाडनूँ ने निर्वाचन की विधिवत एवं चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मर्यादाएँ सर्वोपरि हैं। पर्यवेक्षक श्रीमती दिव्या माथुर, लाडनूँ ने समाजसेवी संगठनों में निर्वाचन की गरिमा और उत्तरदायित्व की महत्ता रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया संगठनात्मक संस्कारों की अभिव्यक्ति है।

उल्लेखनीय है कि निर्वाचन से पूर्व सचिव श्री सुरेन्द्र सोनी ने वर्षभर की गतिविधियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा वित्त सचिव श्री बालमुकुन्द बगड़िया ने आय-व्यय का लेखा-जोखा सदन के समक्ष रखा, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

नव-निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने परिषद परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दायित्व किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक विश्वास और संगठनात्मक संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यक्ति से बड़ा संगठन होता है और संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी वैचारिक तथा व्यवहारिक प्रतिबद्धता में निहित रहती है। संगठन की प्रतिष्ठा प्रसिद्ध व्यक्तियों से नहीं, बल्कि उनके चरित्र, कार्यनिष्ठा और सेवा-भाव से निर्मित होती है। डॉ. चारण ने अपने पूर्व कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए परिषद द्वारा संचालित शीतल जल प्रकल्प, निःशुल्क हृदय जांच एवं परामर्श शिविर, जिला चिकित्सालय में गोद लिए गए वार्डों की देखरेख तथा चिकित्सा उपकरण प्रकल्पों को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने इन सेवा-परियोजनाओं को और अधिक सुव्यवस्थित एवं व्यापक स्वरूप देने का संकल्प दोहराया। साथ ही महावीर दिव्यांग सेवा समिति के सहयोग से प्रतिवर्ष कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर आयोजित कर अधिकाधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित करने की योजना भी व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गान से आरंभ हुई यह बैठक राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गान के साथ संपन्न हुई।