70 गांव रो रहे बांडी नदी बन गई जहरीली नाला
*"रंगीन पानी से नस्ले खराब-फसले बर्बाद नेहड़ा बांध में भरा जहरीला पानी मवेशियों में बांझपन का दंश*
*40 साल से चुप्पी, अब सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने भी देखा रंग-बिरंगा जहर "फैक्ट्रियों का रंगीन जहर? बन गया किसानों का दुश्मन!*
*नेहड़ा बांध लाल-नीला, हृदय-कैंसर-किडनी के मरीज बढ़े" सेवानिवृत्त जस्टिस लोढ़ा ने खुद मोबाइल में कैद किए दूषित पानी के फ़ोटो वीडियो*
*"70 गांव रो रहे, बांडी नदी बन गई जहरीली नाला!*
*गुजरात से आते टैंकर, रातोंरात खाली होता रासायनिक पानी"सिंचाई विभाग-प्रदूषण बोर्ड मौन, किसान बोले- अब सुनवाई नहीं तो होगा आंदोलन!*
पाली। नेहड़ा बांध अब पानी नहीं, रंग-बिरंगे जहर से भरा है! कपड़ा फैक्ट्रियों का अनट्रीटेड रासायनिक पानी चोरी-छिपे बांडी नदी में छोड़ा जा रहा है?, जो 60-70 गांवों की फसलों को जड़ से बर्बाद कर रहा है?। गेहूं-सब्जियां उगती नहीं, उगती भी हैं तो बिकती नहीं। जिन्हें खा रहे हैं, वे हार्ट, कैंसर और किडनी के गंभीर मरीज बन रहे हैं। पशु बांझ हो रहे हैं, जमीन बंजर होती जा रही है।यह दर्द पिछले 40 साल से किसान झेल रहे हैं, लेकिन "धनकुबेर" फैक्ट्री मालिकों के आगे प्रशासन की सुनवाई नहीं हो रही। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की उच्च स्तरीय कमेटी, सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा के नेतृत्व में नेहड़ा बांध पहुंची। किसानों ने रो-रोकर सुनाया अपना दुख। जस्टिस लोढ़ा ने खुद नदी में बहता रंगीन पानी देखा, फोटो-वीडियो बनाए और नाराजगी जताई।किसान नेता महावीर सिंह सुकरलाई ने बताया- अवैध पाइपलाइन पकड़ी गई, लेकिन मुकदमा तक नहीं दर्ज हुआ। पुखराज पटेल ने सवाल उठाया- सिंचाई विभाग कार्रवाई क्यों नहीं करता? मदन सिंह जागरवाल ने खुलासा किया- गुजरात से रासायनिक टैंकर रात में बांडी में खाली होते हैं। ये तस्वीरें दिखाती हैं कि कैसे फैक्ट्रियों का जहरीला पानी नदी और बांध को रंग-बिरंगा बना रहा है—फसलें जहर बन रही हैं, जिंदगियां खतरे में!आगे क्या?
किसानों की मांग—रात में निगरानी टीम, कठोर मुकदमे और CETP का हो पूरा इस्तेमाल।
*क्या इस बार सुनवाई होगी, या 40 साल का दर्द और बढ़ेगा?*
*समय बताएगा यह खबर पाली के किसानों की वास्तविक पीड़ा पर आधारित है। प्रशासन से अपेक्षा है कि अब कार्रवाई हो।*
*यहां-यहां गई टीम*
सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा के साथ आई टीम नेहड़ा बांध की स्थिति का जायजा लेकर जेतपुर-गढ़वाड़ा के बीच स्थित बांडी नदी की रपट पहुंची। जहां भी नदी में उन्हें रंगीन पानी बहता नजर आया। दीपक बामणिया ने कहा कि उन्होंने दूषित हो रहे नेहड़ा बांध को लेकर अनशन किया तो उन्हें जेल में डाल दिया। यहां से टीम किसानों के कहने पर छापरिया गांव गई। जहां सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा को किसानों ने बताया कि कैसे उनके खेत रंगीन पानी के कारण खराब हो चुके है। निरीक्षण के दौरान सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा हर जगह के फोटो-वीडियो खुद अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते नजर आए। उसके बाद वे पाली सर्किट हाऊस पहुंचे। लंच रहने के बाद हाईवे से होते हुए उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट संख्या की स्थिति देखी और टैंकरों के चक्के के निशान देख नाराजगी जताई। यहां भी उन्हें बांडी नदी में रंगीन पानी नजर आया। टीम यहां का निरीक्षण करने के बाद वापस जोधपुर चली गई।झूठ बोलने पर जताई नाराजगी
सेवानिवृत्त जस्टिस संगीत लोढ़ा जब जेतपुर के निकट बांडी नदी की रपट से नदी में बह रहा दूषित पानी देख रहे थे। इस दौरान कई किसानों ने उनसे आग्रह किया कि छापरिया गांव यहां से करीब 3 KM दूर है। वहां के हालात काफी विकट है। इस पर वे अपना शेड्यूल बदलकर छपरिया गांव की तरफ निकले। लेकिन सिंगल कच्चे रोड पर 7-8 किलोमीटर चलने के बाद भी जब गांव नहीं आया तो उन्होंने नाराजगी जताई कि आपको सच बोलना चाहिए था कि तीन किलोमीटर का बोल कर 7-8 किलोमीटर दूर लेकर आ गए। इससे आगे को पूरा शेड्यूल बिगड़ रहा है।यह रहे मौजूद
उनके साथ जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, एसपी आदर्श सिधु, एएसपी त्वरित अनुसंधान सेल जयसिंह सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, सीओ सोजत रतनाराम देवासी, जेतपुर थानाप्रभारी जबरसिंह रोहट थानाप्रभारी पदमपाल सिंह सहित पुलिस जाप्ता मौजूद रहा। नेहड़ा बांध, जेतपुर के पास नदी की रपट पर भी बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।