परिवहन विभाग पर दोहरे मापदंड का लगाया आरोप

EDITED:- CHIEF EDITOR OMPRAKASH CHOUHAN

परिवहन विभाग पर दोहरे मापदंड का लगाया आरोप

परिवहन विभाग पर दोहरे मापदंड का लगाया आरोप

CHIEF  EDITOR OMPRAKASH CHOUHAN

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जोधपुर /जैसलमेर में भीषण बस अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में परिवहन विभाग निजी बसों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई पर  बस ऑपरेटर्स संगठनों ने  दोहरे मापदंड का आरोप लगाया हैं. संगठन के पदाधिकारीयों ने कहा कि इन्हीं मापदंडों पर सरकारी रोडवेज बसों की भी जाँच की जानी चाहिए  उनमें तो निजी बसों से कहीं ज्यादा खामियां हैं। रोडवेज बसे बिना परमिट के ही  चल रही है।

 बस एंड कार ऑपरेटर्स कंफेडरेशन ऑफ इंडिया (BOCI) के अध्यक्ष जगदेवसिंह खालसा और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष जफर खान व अन्य पदाधिकारियों ने  विभाग के इस भेदभावपूर्ण रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर कानून एक है तो कार्रवाई भी सभी पर समान होनी चाहिए।

दोनों ही एसोसिएशन की ओर से देशभर में संचालित की जा रही बसों में सुरक्षा इंतजामों के लिए तमाम सदस्यों को जारी किए दिशा-निर्देशों पर चर्चा करने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालसा ने इसकी विस्तृत जानकारी दी.
 चेयरमैन खालसा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि निसंदेह जैसलमेर बस हादसे बेहद दुखद था  पुलिस ने एफएसएल रिपोर्ट आने से पहले ही बस की बॉडी बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। फिर तो अहमदाबाद में हुए विमान हादसे आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में चिन्नाटेकर के पास एक प्राइवेट बस में आग लगने सहित कई ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटित हुई है लेकिन पूरे देश में ऐसी कार्रवाई किसी भी घटना में नहीं देखने को नहीं मिली।

खालसा का कहना है कि जब तक एफएसएल की तकनीकी रिपोर्ट यह साबित नहीं करती कि आग लगने की मुख्य वजह बस बॉडी निर्माण में खामी थी  तब तक बॉडी बिल्डर को गिरफ्तार करना जल्दबाजी है। जफर खान ने कहा देश के विभिन्न राज्यों में पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह की बस अग्निकांड की घटनाएं हुई हैं लेकिन किसी भी मामले में बस की बॉडी बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार नहीं किया गया।

जगदेवसिंह खालसा ने  कई रोडवेज बसें भी प्राइवेट वर्कशॉप में मॉडिफाई की जाती हैं। क् उन वर्कशॉप के मालिकों से भी पूछताछ की जाएगी या यह कानून सिर्फ निजी ऑपरेटर्स के लिए है.
बस ऑपरेटर्स संगठनों का आरोप है कि सरकारी रोडवेज बसों की तकनीकी स्थिति निजी बसों से कहीं ज्यादा खराब हैं रोडवेज बसों में फिटनेस सर्टिफिकेट, खराब ब्रेक, डीजल रिसाव, टूटे हुए शीशे और जर्जर बॉडी जैसी गंभीर समस्याएं आम बात हैं। कई रोडवेज बसें लंबी दूरी के रूट पर ओवर लोडिंग करके चलाई जा रही हैं लेकिन इनकी चेकिंग नहीं होती है और न ही कोई कार्रवाई होती हैं

जफर खान ने कहा हम किसी भी हादसे को सही नहीं ठहरा रहे  लेकिन सवाल यह है कि जब निजी बसों में खामी मिलने पर उन्हें सीज किया जा रहा है तो रोडवेज बसों की जांच क्यों नहीं हो रही. सड़क सुरक्षा के नियम सिर्फ निजी ऑपरेटर्स के लिए हैं उन्होंने यह भी कहा कि कई रोडवेज बसों में अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा किट तक नहीं होती लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता.