दहेज विरोधी कदम उठाने पर समूचे समाज में प्रेरणा स्रोत बने भरत महाराज

दहेज विरोधी कदम उठाने पर समूचे समाज में प्रेरणा स्रोत बने भरत महाराज

दहेज विरोधी कदम उठाने पर समूचे समाज में प्रेरणा स्रोत बने भरत महाराज

 कोटा में दो नवंबर को आयोजित होने वाले विवाह के पहले पंडित सत्यम शर्मा के सगाई में दहेज नहीं लेने पर भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद् ट्रस्ट ने ट्रस्ट के संरक्षक कथावाचक डॉ. भरत महाराज कोटा का आभार व्यक्त किया। संस्था के राष्ट्रीय महासचिव आचार्य पंडित ओपी शास्त्री ने बताया कि महाराज के सुपुत्र सत्यम शर्मा की शादी 2 नवंबर को होने वाली है जिसकी सगाई 29 अक्टूबर को आचार्य भरतलाल शर्मा के निवास पर हुई जिसमें वधू पक्ष द्वारा दिए गए एक करोड़ 11लाख के दहेज लौटा दिया. और कहा कि हमें बेटी चाहिए दहेज नहीं। दहेज लेना सभ्य समाज के लिए अच्छी बात नहीं है.उन्होंने वधू पक्ष की ओर से दी गई अचल संपत्ति नकदी और कीमती सामान को विनम्रता से वापस कर दिया।

सत्यम शर्मा का विवाह 2 नवंबर को स्टेशन क्षेत्र निवासी सुषमा शर्मा की पुत्री दीक्षा से होना है। दीक्षा के पिता का देहांत हो चुका है। उसकी मां सुषमा शर्मा रेलवे से सेवानिवृत्त हुई हैं। बुधवार को हुई सगाई में यह निर्णय न सिर्फ दोनों परिवारों को जोड़ गया बल्कि समाज को एक नई दिशा भी दे गया। इस घटना ने कोटा शहर में चर्चा का विषय बना लिया है। लोग भरतलाल शर्मा के इस कदम को प्रेरणादायक बताया. दहेज में 50 लाख का मकान 13 लाख की गाड़ी 15 तोला सोने की ज्वैलरी 3 किलो चाँदी 11 लाख रुपए नगद 21 लाख का प्रतीकात्मक चेक था

जहां एक ओर दहेज प्रथा आज भी कई घरों में बोझ बनी हुई है वहीं इस परिवार ने यह साबित कर दिया कि बदलाव की शुरुआत घर से होती है। इस बिना दहेज की अनूठी शादी के प्रेरणा स्रोत बने भरत महाराज की भगवान परशुराम राष्ट्रीय पंडित परिषद् ट्रस्ट संस्था परिवार ने मुक्त कंठो से प्रशंसा करते हुए बधाई देकर आभार व्यक्त किया।