रंगनाथ बाँगड़ स्मृति अखिल राजस्थान अंतरमहाविद्यालय हिन्दी वाद–विवाद प्रतियोगिता संपन्न
रंगनाथ बाँगड़ स्मृति अखिल राजस्थान अंतरमहाविद्यालय हिन्दी वाद–विवाद प्रतियोगिता संपन्न
आँचल शर्मा सुजानगढ़ रहीं प्रथम
विचारों की प्रखरता और तर्क की स्पष्टता रही केंद्र में

रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार पवन पहाड़िया
लाडनूं। बाँगड़ ट्रस्ट, कोलकाता** के आर्थिक सहयोग से **राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूँ** में आयोजित *सेठ रंगनाथ बाँगड़ स्मृति अखिल राजस्थान अंतरमहाविद्यालय हिन्दी वाद–विवाद प्रतियोगिता* आज गरिमामय एवं बौद्धिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता में राजस्थान के विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में सशक्त, तथ्यपूर्ण एवं प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
**मुख्य अतिथि श्री हिमांशु शर्मा** *(अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीडवाना–कुचामन)* ने अपने उद्बोधन में कहा कि वाद–विवाद प्रतियोगिताएँ युवाओं में तार्किक सोच, वैचारिक अनुशासन और लोकतांत्रिक संवाद की संस्कृति को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास एवं मंचीय अनुशासन की सराहना की।
**स्वागताध्यक्ष बाबू श्री एस.के. बाँगड़** ने अपने संबोधन में सेठ रंगनाथ बाँगड़ के शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सतत सहयोग देना बाँगड़ ट्रस्ट की मूल भावना है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। सारस्वत अतिथि श्रीमती राजश्री शेखावत** *(समाजसेवी, लाडनूँ)* ने हिन्दी भाषा की अभिव्यंजना शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सशक्त विचार तभी प्रभावी बनते हैं जब उन्हें सुस्पष्ट और तर्कसंगत भाषा में प्रस्तुत किया जाए। कार्यक्रम के **अति विशिष्ट अतिथि प्रो. आलोक चतुर्वेदी** *(सहायक निदेशक, आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राजस्थान)* ने महाविद्यालय द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों के निरंतर आयोजन की सराहना की तथा प्रतियोगिता को अत्यंत *उपादेय* बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं को अकादमिक ज्ञान के साथ सामाजिक चेतना और वैचारिक परिपक्वता से भी जोड़ते हैं।

महाविद्यालय के **प्राचार्य डॉ. गजादान चारण** ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए महाविद्यालय की **विकास यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों एवं अनुशासनात्मक नियमों** की जानकारी दी तथा छात्राओं को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता का विषय
*“इस सदन की सम्मति में कैशलेस अर्थव्यवस्था ही भ्रष्टाचार नियंत्रण का एकमात्र प्रभावी उपाय है”*
रहा, जिस पर प्रतिभागियों ने गहन अध्ययन, तार्किक विश्लेषण एवं प्रभावी भाषा-शैली के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन **निर्णायक मंडल** द्वारा किया गया, जिसमें—**डॉ. अख़लाक़ उस्मानी** *(वरिष्ठ पत्रकार)*,
**एडवोकेट डॉ. भगवती सिंह बारहठ**,
**श्री नवीन शेखावत** *(पत्रकार)*
शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की तर्कशक्ति, भाषा-प्रवाह एवं विषय-वस्तु की गहराई की प्रशंसा की।
प्रतियोगिता परिणाम*
प्रतियोगिता में **प्रथम पुरस्कार (₹11,500)** *सुश्री आँचल शर्मा* *(राजकीय महाविद्यालय, सुजानगढ़)* ने प्राप्त किया।
**द्वितीय पुरस्कार (₹8,000)** *सुश्री कृति मीना* *(राजकीय महाविद्यालय, रामगंजमंडी)* को प्रदान किया गया, जबकि
**तृतीय पुरस्कार (₹5,500)** *श्री दीपेंद्र कुमार* *(शेखावाटी महाविद्यालय, लोसल)* के नाम रहा।
**प्रोत्साहन पुरस्कार** प्राप्त करने वाले छह प्रतिभागी क्रमशः
*सुश्री चित्रा चौधरी* *(राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूँ)*,
*सुश्री पूजा चोयल* *(राजकीय बाँगड़ महाविद्यालय, डीडवाना)*,
*श्री सुनील कुमार गुर्जर* *(मरुधर टीटी कॉलेज, लक्ष्मणगढ़)*,
*सुश्री शबनम* *(राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूँ)*,
*सुश्री मोन्टी कंवर* *(टैगोर महाविद्यालय, निम्बी जोधा)* तथा
*श्री राजा* *(सूरजमल तापड़िया आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, जसवंतगढ़)* रहे।
कार्यक्रम में **साहित्यकार लक्ष्मण दान कविया**, **शिक्षाविद् डॉ. शंकरलाल जाखड़**, **राजकीय कन्या महाविद्यालय, सुजानगढ़ की प्राचार्य प्रो. प्रेम बाफना** तथा **राजकीय कन्या महाविद्यालय, डीडवाना के प्राचार्य श्री इरशाद अली खान** मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का कुशल एवं सुव्यवस्थित संचालन *प्रतियोगिता समन्वयक सुरेन्द्र कागट* द्वारा किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।