भामाशाहो द्वारा अस्पताल के लिए 25 स्टील बेंच की घोषणाएं रोशनी फाउंडेशन की अपील पर दानदाताओं ने मात्र 3 घंटे में कर दिया सहयोग
भामाशाहो द्वारा अस्पताल के लिए 25 स्टील बेंच की घोषणाएं
रोशनी फाउंडेशन की अपील पर दानदाताओं ने मात्र 3 घंटे में कर दिया सहयोग
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
सोजत सिटी। राजकीय जिला अस्पताल सोजत में भामाशाहो एवं दानदाताओं ने नए ट्रॉमा सेंटर, नए गायनिक वार्ड एवं नई लैब में मरीजों और उनके परिजनों के बैठने के लिए 25 स्टील बेंच की घोषणा की। अस्पताल में निर्माणाधीन नए भवन के लिए कुर्सियों की आवश्यकता महसूस की गई जिस पर रोशनी फाउंडेशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहरवासियों और दानदाताओं से सहयोग की अपील की। अपील देखते ही शहर के भामाशाहों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। किसी ने एक, किसी ने दो तो किसी ने पांच स्टील बेंच देने की घोषणा कर दी। परिणामस्वरूप मात्र तीन घंटे के भीतर सभी 25 स्टील बेंच की व्यवस्था सुनिश्चित हो गई।
सोजत में प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्थान रोशनी फाउंडेशन ने पिछले वर्ष गणेश विसर्जन में खोखरा नाडी में डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई जिस पर एक साहसी युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर तीनों युवकों को नाडी से बाहर निकाल कर एक सराहनीय एवं साहसिक काम किया। सबसे बड़ी बात यह रही की तीनों मृतकों में से एक उनका ही बेटा था। उस तैराकी युवक की मदद के लिए रोशनी फाउंडेशन संस्थान ने सहायता के लिए सोशल मीडिया पर अपील पर कर एक लाख इक्यावन हजार की चेक राशी जुटाकर तीनो मृतको के परिजनों को विधायक शोभा चौहान के हाथों उन साहसी युवक के निवास स्थान पर जाकर दिलाई थी। सोजत की सेवा भावना और दानशीलता एक बार फिर शहर वासियों के लिए के लिए प्रेरणा बनी है। रोशनी फाउंडेशन संस्थान ने सभी दानदाताओं, शहरवासियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इनका कहना है-
सोशल मीडिया पर अपील जारी होते ही लगातार सहयोग के संदेश आने लगे। लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बेंच देने की घोषणा की और कुछ ही घंटों में पूरी आवश्यकता पूरी हो गई। इससे पूर्व भी अस्पताल में संस्थान द्वारा अपील के जरिए दानदाताओं द्वारा गर्मी से निजात दिलाने के लिए हर वार्ड में एसी लगाई थी एवं मरीज व उनके परिजनों की बैठने की व्यवस्था के लिए कुर्सीया की व्यवस्था की गई थी।
अशोक बारहठ, अध्यक्ष रोशनी फाउंडेशन