आज की पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए नई शिक्षा नीति कारगर है विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
आज की पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए नई शिक्षा नीति कारगर है विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित
लाडनूं कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने दी दमदार प्रस्तुतियां
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही

लाडनूं। डॉ. सहदेव चौधरी फाउंडेशन की ओर से सोमवार को *‘‘आज की पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए नई शिक्षा नीति कारगर है’’* विषय पर आयोजित अखिल नागौर स्तरीय अंतरमहाविद्यालय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय कन्या महाविद्यालय, लाडनूं की छात्राओं ने पक्ष एवं विपक्ष दोनों में प्रभावशाली प्रस्तुतियां देते हुए शानदार प्रदर्शन किया और महाविद्यालय का नाम रोशन किया।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्रा *वैशाली पुत्री श्रवणराम ठोलिया, भरनावां* ने विषय के पक्ष में अपने सशक्त तर्क प्रस्तुत करते हुए *तृतीय वैयक्तिक पुरस्कार* अपने नाम किया। वैशाली को पुरस्कार स्वरूप *11,000 रुपये एवं ट्रॉफी* प्रदान की गई। वहीं विषय के विपक्ष में प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखते हुए महाविद्यालय की छात्रा *शबनम बानो पुत्री शरीफ खान* ने *3,000 रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार* प्राप्त किया।

महाविद्यालय पहुंचने पर दोनों प्रतिभागी छात्राओं का महाविद्यालय प्रशासन की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य *डॉ. गजादान चारण* ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल, आत्मविश्वास एवं समसामयिक विषयों की समझ विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल की छात्राओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे महाविद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है।
गतिविधि संयोजक *सुरेन्द्र कागट* ने कहा कि प्रतियोगिता में छात्राओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां उनके निरंतर अभ्यास एवं मार्गदर्शन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में छात्राओं को अध्ययन के साथ-साथ वाद-विवाद, भाषण, साहित्यिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्राओं के आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर छात्रा *वैशाली के दादाजी तिलोकराम ठोलिया* ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि वैशाली जैसी ग्रामीण अंचल की बच्चियों के लिए कन्या महाविद्यालय किसी वरदान से कम नहीं है। यहां पुस्तक पठन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के लिए छात्राओं को जिस प्रकार तैयार किया जाता है, वह सराहनीय है। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
दोनों प्रतिभागी छात्राओं *वैशाली एवं शबनम बानो* ने प्रतियोगिता में भाग लेने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से उन्हें विषय को विभिन्न दृष्टिकोणों से समझने, अपने विचारों को तार्किक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने तथा मंच पर आत्मविश्वास के साथ बोलने का अवसर मिला। उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय स्टाफ के साथ *पूर्व विद्यार्थी परिषद समिति की महासचिव अफसाना बानो* भी उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा ऐसी गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
*सेमेस्टर प्रथम में नवप्रवेशित छात्राओं* ने कार्यक्रम को अपने लिए अत्यंत प्रेरक एवं लाभकारी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने तथा अपनी प्रतिभा को विकसित करने की प्रेरणा मिली।
महाविद्यालय परिवार ने दोनों छात्राओं की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।