विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी

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विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी
मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में पहुंचे डॉ किरोड़ीलाल मीणा
विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी
विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी
विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी

विश्व आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में बोले किरोड़ी 

दौसा। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को दौसा के नांगल प्यारीवास स्थित मीणा हाईकोर्ट परिसर में आयोजित आदिवासी महोत्सव में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि मोदी सरकार आरक्षण खत्म कर देगी..लेकिन किरोड़ी के तन में जब तक जान है, आरक्षण का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।"

आरक्षण को लेकर दी सफाई

महोत्सव में हजारों लोगों की मौजूदगी में किरोड़ी ने कहा कि तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

संघर्ष और मीणा हाईकोर्ट का जिक्र

अपने संबोधन में मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में करीब 600 आंदोलन किए, 17 बार जेल गए और 138 मुकदमे झेले। उन्होंने पंच अथाई को "मीणा हाईकोर्ट" कहे जाने के पीछे की कहानी भी सुनाई। बताया कि एक बार 50 हजार लोग पंचायत के मामले को लेकर निकले थे, जिसके बाद प्रशासन को झुकना पड़ा था।

मीणा-गुर्जर भाईचारे पर जोर  

किरोड़ी ने मीणा और गुर्जर समाज को किसान समाज बताते हुए दोनों में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पांचना के पानी और चंबल का पानी दौसा तक लाने के प्रयासों का भी जिक्र किया।

पुराना किस्सा भी सुनाया  

मंत्री ने अपने विधायक बनने के शुरुआती दिनों का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बार बकरी-बकरा चोरी के मामले में उन्होंने कहा था - "मैं डॉक्टर हूं, पेट चीरकर बकरा निकाल लूंगा।" इसी दौरान उन पर गोली भी चली थी, जो उनके कान के पास से निकल गई थी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और इंतजाम

महोत्सव में रेणुका पंवार, रोनी रमन, गौरी नागौरी, अलीत रावत समेत कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी। MP से आए आदिवासी बच्चों के करतब आकर्षण का केंद्र रहे। 

आयोजकों ने बताया कि भीड़ को देखते हुए 4 पार्किंग बनाई गईं और 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। करीब 100 हलवाई 3 दिन से प्रसादी तैयार कर रहे हैं। इसके लिए 800 किलो चीनी, 1500 किलो आटा और 80 पीपे घी की व्यवस्था की गई।

कार्यक्रम में दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, अलवर, जयपुर समेत कई जिलों के मंत्री, विधायक और आदिवासी नेता भी शामिल हुए।