हाजी रफीक सिलावट भामाशाह सम्मान से सम्मानित

हाजी रफीक सिलावट भामाशाह सम्मान से सम्मानित

हाजी रफीक सिलावट भामाशाह सम्मान से सम्मानित

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

कुचेरा। कुचेरा निवासी हाजी रफीक सिलावट को जिला स्तर पर आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह में शिक्षा, समाज एवं कल्याणकारी कार्यों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

हाजी रफीक सिलावट विगत कई दशकों से समाज के कल्याण एवं विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहे हैं। समाज द्वारा संचालित मदरसा गरीब नवाज स्कूल के निर्माण एवं संचालन का कार्य पीढ़ी दर पीढ़ी हाजी रफीक सिलावट एवं उनके परिवार द्वारा किया जा रहा है। इस मदरसा स्कूल में हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, समाज के उत्थान हेतु गठित एजुकेशन डेवलपमेंट एंड वेलफेयर ट्रस्ट के संरक्षक के रूप में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को हाजी रफीक सिलावट का पूर्ण समर्थन प्राप्त रहा है।

समाज सेवा के अलावा हाजी रफीक सिलावट लंबे समय से पशु कल्याण के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। कुचेरा के समीपवर्ती गांव गाजू में स्थित संत श्री नारायण दास गौशाला के संरक्षक के रूप में वे विगत तीन दशकों से गौशाला का प्रबंधन कर रहे हैं। इसके साथ ही, हाजी रफीक सिलावट करीब बीस वर्षों से अखिल भारतीय मेड़तिया समाज के कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

हाजी रफीक सिलावट का कहना है कि समाज सेवा उन्हें विरासत में मिली है। उनके पिता हाजी उस्मान सिलावट समाज के सम्मानित व्यक्तियों में शुमार रहे हैं और उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गरीबों की सेवा एवं समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। हाजी रफीक सिलावट ने बताया कि धर्म की शिक्षाएं उन्हें सदैव मानवता, करुणा और परस्पर सहयोग का संदेश देती हैं, और धर्म की यही पालना उन्हें समाज के उत्थान एवं निःस्वार्थ सेवा के कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि सच्चा धर्म वही है जो इंसानियत की सेवा को सर्वोपरि माने, और इसी भावना से वे जीवनपर्यंत समाज सेवा में अग्रसर रहना चाहते हैं।