धींगाणा में मुंबई कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण           

धींगाणा में मुंबई कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण           

धींगाणा में मुंबई कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण           

प्रशासक बीरबल राम विश्नोई से हुआ सार्थक संवाद

लूणी /मुंबई स्थित केईटीएस वीजी वेज कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत ग्राम पंचायत धींगाणा का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण प्रशासन पंचायती राज व्यवस्था तथा स्थानीय स्वशासन प्रणाली की वास्तविक और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। कॉलेज के कुल 22 विद्यार्थियों का यह दल प्रोफेसर शिल्पा सूर्यवंशी एवं प्रोफेसर विशाखा पाटिल के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में गांव पहुँचा।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम ग्राम पंचायत प्रशासक एवं भामाशाह बीरबल राम विश्नोई से विस्तृत संवाद किया। इस अवसर पर बीरबल राम विश्नोई ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर विकास तभी संभव है जब प्रशासन और आम नागरिक मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ है जो गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को ग्रामीण राजनीति प्रशासनिक जिम्मेदारियों जनभागीदारी तथा विकास योजनाओं में युवाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी प्रशासनिक चुनौतियों, पारदर्शिता और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जिनका प्रशासक ने सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से उत्तर दिया।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत भवन का भ्रमण किया जहाँ ग्राम विकास अधिकारी संदीप चौधरी एवं कनिष्ठ सहायक राणा जाखड़ ने पंचायत की कार्यप्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन अभिलेख संधारण तथा प्रशासनिक ढांचे की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं बनाई जाती हैं और उन्हें आम जनता तक पहुँचाया जाता है।

शैक्षणिक भ्रमण के अगले चरण में दल ने गांव के प्रसिद्ध कमलेश्वर महादेव मंदिर का दर्शन किया। यहाँ स्थानीय नागरिक सोहन लाल पंवार ने विद्यार्थियों को मंदिर के ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने गांव की परंपराओं लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद छात्रों ने राजकीय विद्यालय धींगाणा का दौरा किया जहाँ उन्होंने ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को नजदीक से समझा। विद्यालय के संस्था प्रधान सतेन्द्र प्रकाश राजपुरोहित से विद्यार्थियों ने संवाद किया और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षण पद्धतियों तथा ग्रामीण शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। इस संवाद से विद्यार्थियों को शहरी और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के अंतर को समझने का अवसर मिला।

भ्रमण के दौरान प्रोफेसर शिल्पा सूर्यवंशी एवं विशाखा पाटिल ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहते बल्कि प्रशासनिक सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं को वास्तविक रूप में समझ पाते हैं।

भ्रमण के अंत में विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत प्रशासन ग्रामीणजनों एवं सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और इस शैक्षणिक यात्रा को ज्ञानवर्धक प्रेरणादायक एवं अनुभवसमृद्ध बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें ग्रामीण भारत की प्रशासनिक संरचना को समझने की नई दृष्टि प्राप्त हुई है।