गांधी और शास्त्री का जीवन आज भी प्रासंगिक - ‘रुचिर’

गांधी और शास्त्री का जीवन आज भी प्रासंगिक - ‘रुचिर’

गांधी और शास्त्री का जीवन आज भी प्रासंगिक - ‘रुचिर’

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। स्थानीय न्यू मॉडर्न माध्यमिक विद्यालय में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती विद्यालय संरक्षक विजय सिंह चौहान की अध्यक्षता तथा साहित्यकार नवनीत राय ‘रुचिर’ के मुख्य आतिथ्य में मनाई गई। विद्यार्थियों ने भाषण, कविता, नाटक और गीतों के माध्यम से दोनों महापुरुषों के जीवन एवं आदर्शों को प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि साहित्यकार नवनीत राय ‘रुचिर’ ने कहा कि महापुरुषों की जीवनियां हमें आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। गांधी और शास्त्री का जीवन सरलता, सादगी एवं त्याग से परिपूर्ण रहा। दोनों ने अपने व्यक्तित्व और आचरण से देश-दुनिया के सामने महान आदर्श स्थापित किए, जिनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। अध्यक्षीय उद्बोधन में विजय सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से गांधी और शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेकर अहिंसा एवं सादगी को अपने व्यवहार में अपनाने का आग्रह किया। संस्था प्रधान गंगा सिंह सांखला ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि आर्य समाज से जुड़ीं योग शिक्षिका श्रीमती वीणा भटनागर ने सरस भजन प्रस्तुत किया तथा विद्यार्थियों को फल वितरित किए।

विद्यालय की एमडी श्रीमती निर्मला कंवर ऋतुराज सिंह चौहान ने बताया कि विद्यार्थियों ने विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी और शास्त्री के जीवन प्रसंगों तथा आदर्शों को अभिव्यक्त किया। बच्चों ने मधुर स्वर में ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन का गायन भी किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था प्रधान गंगा सिंह सांखला ने अतिथियों का बहुमान किया। आयोजन में वरिष्ठ शिक्षक भरत कुमार सोलंकी, मो. हुसैन, फिरोज मो., हेमलता सांखला, अंजुम, सकीना बानो, पूनम परिहार, तरुणा, जय श्री परिहार, दीक्षा सांखला, विपाशा मखवाना, सीमा भाटी एवं मानसी सांखला ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का सरस संचालन युवा शिक्षक भरत सोलंकी ने किया।