अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति द्वारा राजस्थानी व्याख्याताओं के पद भरने की मांग
अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति द्वारा राजस्थानी व्याख्याताओं के पद भरने की मांग
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
नागौर। अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के संस्थापक लक्ष्मणदान कविया एवं संभागीय महामंत्री पवन पहाड़िया ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ज्ञापन ( क्रमांक 5467 / 27 - 06 ) लिखकर प्रदेश में रिक्त पड़े राजस्थानी व्याख्याताओं के पद शिघ्र भरने की पुरजोर मांग की है । मीडिया प्रभारी महावीरसिंह सांदू ने बताया कि संघर्ष समिति की और से लिखे गए इस ज्ञापन में लिखा कि शिक्षा सत्र चल रहा है राजस्थान प्रदेश में कई विद्यालयों में राजस्थानी व्याख्याताओं के पद रिक्त चल रहे हैं जिसके कारण मातृभाषा प्रेमी शिक्षार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है । ज्ञातव्य हो कि संघर्ष समिति के प्रयासों से प्रदेश में राजस्थानी साहित्य विषय ऐच्छिक रूप से आरम्भ करवाने में सफलता मिली है , इस कार्य के लिए सरकार , अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया था जिसके सुपरिणाम स्वरूप संघर्ष समिति को मिशन में सफलता मिली लेकिन उन स्कूलों में व्याख्याताओं के पद रिक्त चलने से विद्यार्थियों में उदासीनता का माहौल बना हुआ है ।
ज्ञापन में यह भी लिखा कि नागौर जिले की बालवा , बुगरड़ा , शिव एवं बीटण स्कूलों में कई अर्से से पद रिक्त चल रहे हैं । ज्ञापन में मंत्री महोदय से पुरजोर मांग की गई है कि रिक्त पद भरने के साथ साथ कर्मोन्नत विद्यालयों में राजस्थानी साहित्य ऐच्छिक विषय के रूप में खोलकर मातृभाषा राजस्थानी के प्रति अपने नैतिक दायित्व का भली भांति निर्वाह करने का श्रेय एवं प्रेय कार्य करावें ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पालना की और सकारात्मक कदम बढ़ाया जा सके ।