पड़ोसी एक दूसरे के लिए मददगार साबित हो : शमसुद्दीन काठात
जमाअत ए इस्लामी हिंद ब्यावर द्वारा पड़ोसियों के अधिकार मुहिम का शानदार आगाज
पड़ोसी एक दूसरे के लिए मददगार साबित हो : शमसुद्दीन काठात
रिपोर्ट मुमताज अली
ब्यावर। जमाअत ए इस्लामी हिंद की ओर से 21 नवंबर 25 से 30 नवंबर 25 तक पड़ोसियों के अधिकार विषय पर चलाए जाने वाले देश व्यापी अभियान के तहत 20 नवंबर 25, गुरुवार को जमाअत ए इस्लामी हिंद ब्यावर की ओर से *पड़ोसियों के अधिकार* मुहिम की शुरुआत, इकरा पब्लिक सेकेंडरी स्कूल, करबला मार्ग, ब्यावर में एक उद्घाटन प्रोग्राम के द्वारा की गई।

प्रोग्राम की शुरुआत मौलाना अब्दुल हकीम ने तिलावत ए कुरआन पाक से की। उसके बाद मौलाना शरीफुल हसन ने तज़कीर बिल कुरआन पेश किया।
जमाअत ए इस्लामी हिंद ब्यावर के अध्यक्ष शमसुद्दीन काठात ने मुहिम का परिचय कराते हुए बताया कि ये अभियान पड़ोसियों के अधिकार विषय पर पूरे देश में दिनांक 21 नवंबर से 30 नवंबर 25 तक 10 दिनों के लिए चलाया जा रहा है जिसकी पंच लाइन *आदर्श पड़ोस, आदर्श समाज* है।
अभियान के उद्देश्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मुहिम के दौरान लोगों को पड़ोसियों के प्रति उनकी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारियां के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस मुहिम के द्वारा देश में एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी, जिसमें पड़ोसी एक दूसरे के लिए मददगार साबित हो। साथ ही इस मुहिम के दौरान सड़कों पर, शॉपिंग सेंटर पर, यात्रा के दौरान और वर्चुअल दुनिया में भी एक अच्छा पड़ोसी होने बाबत लोगों को जागरूक किया जाएगा इस अभियान के माध्यम से जमाअत का लक्ष्य धार्मिक, सामुदायिक सीमाओं से परे जाकर लोगों को एक दूसरे के प्रति सम्मान, स्नेह एवं सहयोग की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित करना है ताकि एक आदर्श समाज की नींव रखी जा सके।

प्रोग्राम के मुख्य अतिथि जमाअत ए इस्लामी हिंद, राजस्थान के पूर्व सचिव डॉक्टर कासिम रसूल फलाही ने इस अभियान के महत्व और आज के परिपेक्ष्य में उसकी आवश्यकता के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।उन्होंने बताया की एक आदर्श समाज की स्थापना, एक आदर्श पड़ोस बनाने पर ही हो सकती है। और एक आदर्श पड़ोस तभी बन सकता है जब पड़ोस में रहने वाले लोगों के बीच प्यार,मोहब्बत, विश्वास, भाईचारा होगा। उन्होंने बताया कि सभी धर्मों में पड़ोसियों के प्रति अच्छा व्यवहार करने की शिक्षा दी गई है। इस्लाम में भी पड़ोसियों के अधिकार बड़े विस्तार से बयान किए गए हैं। कुरआन में अल्लाह पड़ोसियों के साथ अच्छे व्यवहार करने की शिक्षा और आदेश देता है। अल्लाह के पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है कि वह व्यक्ति ईमान वाला नहीं हो सकता जिसकी शरारत से उसका पड़ोसी परेशान हो। इसी तरह हजरत मुहम्मद सल्ल० ने कहा कि वह व्यक्ति ईमान वाला नहीं हो सकता जो खुद तो पेट भर कर खाना खाए और उसका पड़ोसी भूखा सो जाए। यह सब बातें यह बताती हैं कि इस्लाम ने अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे व्यवहार, उनकी देखरेख और उनकी जरूरतों का ख्याल रखने का हुक्म दिया है। उन्होंने बताया इस अभियान के दौरान जमाअत के कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए मुस्लिम समुदाय तथा देशवासियों को पड़ोसियों के प्रति उनकी नैतिक व सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेंगे जिसमें व्यक्तिगत संपर्क, सामूहिक संपर्क, नुक्कड़ सभा, चाय पार्टी, सेमिनार, स्कूलों में लेक्चर्स, निबंध प्रतियोगिताओं, लिटरेचर वितरण तथा प्रिंट, इलेक्ट्रानिक व सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पड़ोसियों के अधिकार हेतु जागरूक किया जाएगा।

डॉक्टर फलाही ने कहा कि एक अच्छा पड़ोस एक अच्छे समाज का निर्माण करता है और एक अच्छा समाज एक अच्छे देश के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करता है। यदि समाज में अमन, शांति, इंसाफ, भाईचारा,प्यार और मोहब्बत होगा तो देश में भी अमन, इंसाफ और भाईचारा होगा और देश प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा यदि पड़ोसियों के बीच अविश्वास, नफरत, अशांति होगी तो समाज में भी अविश्वास, अशांति और नफरत का माहौल पैदा होगा जो देश की प्रगति के लिए बाधक सिद्ध होगा। अतः हम सभी को चाहिए हम एक दूसरे पड़ोसियों के साथ में अच्छा व्यवहार करें।
अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ,जमाअत ए इस्लामी हिन्द, ज़िला ब्यावर,अजमेर व राजसमन्द के सह सचिव मुमताज अली ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस मुहिम के दौरान ज़िला ब्यावर, अजमेर व राजसमन्द के हर गांव, बस्ती व शहर में मुहिम के पैगाम को पहुंचाने की भरपूर कोशिश करेंगे।
अंत में मौलाना फरदीन ने दुआ के प्रोग्राम का समापन किया।